बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने CGMSC (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड) में हुए 411 करोड़ रुपये के मेडिकल उपकरण खरीदी घोटाले में फंसे 4 आरोपियों को बड़ा झटका दिया है। न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार सिन्हा की एकलपीठ ने सभी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।

🔍 ACB-EOW की जांच में सामने आई अहम भूमिका

हाईकोर्ट ने कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की प्रारंभिक जांच में इन आरोपियों की प्रत्यक्ष भूमिका सामने आई है, इसलिए उन्हें अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती।

📦 करोड़ों के मेडिकल उपकरणों की खरीदी में घोटाला

CGMSC द्वारा किए गए मेडिकल उपकरणों की भारी खरीदी में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ था। यह पूरा मामला 411 करोड़ रुपये से जुड़ा हुआ है, जिसमें बड़ी लेनदेन गड़बड़ी, गुणवत्ता में कमी और दस्तावेजों में हेरफेर के आरोप लगाए गए हैं।

⚖️ कोर्ट का स्पष्ट रुख

जस्टिस सिन्हा ने अपने आदेश में कहा कि, “प्रारंभिक जांच में आरोपियों की संलिप्तता स्पष्ट रूप से सामने आ चुकी है। ऐसे में उन्हें अग्रिम जमानत देना न्यायहित में नहीं होगा।

📌 अब क्या आगे?

इस फैसले के बाद चारों आरोपियों की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। ACB-EOW अब इन आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकती है।

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