रायपुर, छत्तीसगढ़। राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने नक्सलियों के खिलाफ सरकार की रणनीति पर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि यह पूरी योजना राम और रावण की कहानी जैसी है। सिंहदेव ने स्पष्ट रूप से कहा कि पहले शांति का प्रयास होता है, लेकिन जब कोई असर नहीं होता, तब हथियार उठाना ही विकल्प बचता है।

उन्होंने कहा कि जैसे प्रभु श्रीराम ने रावण को पहले शांति संदेश भेजा था, वैसे ही सरकार ने भी नक्सलियों को मुख्यधारा में जोड़ने का प्रयास किया। लेकिन जब नक्सली नहीं माने, तो सरकार को मजबूरी में कड़ा रुख अपनाना पड़ा।

टीएस सिंहदेव ने कहा,

“श्रीराम ने रावण को पहले शांति प्रस्ताव भेजा, लेकिन रावण ने इनकार कर दिया, तब श्रीराम ने शस्त्र उठाया। आज नक्सलियों के साथ भी यही हो रहा है।”

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने वार्ता और समझाइश की राह चुनी थी, लेकिन हथियार के जवाब में हथियार उठाना अब जरूरी हो गया है।

सिंहदेव का यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे के बाद सामने आया है। शाह 5 अप्रैल को बस्तर पहुंचे थे, जहां उन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों की समीक्षा की थी।

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