रायपुर, 14 अप्रैल 2025। छत्तीसगढ़ सरकार ने व्यवसाय को सरल और सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में पेट्रोल पंप खोलने के लिए राज्य स्तर पर लाइसेंस लेना अनिवार्य नहीं होगा। सरकार ने खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अधिसूचना (दिनांक 14 नवंबर 2024) के तहत यह व्यवस्था समाप्त कर दी है।

अब पेट्रोल पंप संचालकों को केवल केंद्रीय पेट्रोलियम अधिनियम के अंतर्गत आने वाले नियमों का पालन करना होगा। इससे न केवल कागजी कार्यवाहियां कम होंगी, बल्कि समय और धन दोनों की बचत होगी।

क्या बदला और क्यों है यह अहम?

पहले व्यवसायियों को पेट्रोल पंप शुरू करने से पहले कलेक्टर के माध्यम से खाद्य विभाग से क्रय-विक्रय लाइसेंस प्राप्त करना होता था और हर साल या तीन साल में इसका नवीनीकरण भी कराना पड़ता था। अब यह बाध्यता खत्म कर दी गई है।

यह फैसला ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने और व्यवसायियों को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है।

किसे होगा फायदा?

  • छोटे व्यापारी और तेल कंपनियां अब बिना राज्य स्तर की अनुमति के भी कारोबार शुरू कर सकेंगी।
  • दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में ईंधन की उपलब्धता में सुधार होगा।
  • निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री का बयान:

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह फैसला राज्य में व्यापारिक वातावरण को सशक्त बनाने की दिशा में उठाया गया एक ठोस कदम है। सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ निवेश के लिए देश का पसंदीदा राज्य बने।

यह बदलाव न केवल पेट्रोल पंप खोलने को आसान बनाएगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की आर्थिक तरक्की की रफ्तार को भी तेज करेगा।

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