दुर्ग, 24 अप्रैल 2025। दुर्ग और भिलाई जिला भाजपा के संयुक्त तत्वावधान में “एक राष्ट्र, एक चुनाव” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने इस नीति की उपयोगिता और आवश्यकता को विस्तार से समझाया। वक्ताओं ने इसे देश की आर्थिक, प्रशासनिक और लोकतांत्रिक मजबूती के लिए आवश्यक कदम बताया।

कार्यशाला में जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने कहा कि अलग-अलग समय पर होने वाले चुनावों से देश का विकास प्रभावित होता है। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में 1.35 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि 2019 में यह राशि 60,000 करोड़ थी। इससे स्पष्ट है कि एक साथ चुनाव कराने से समय, श्रम और धन की भारी बचत संभव है।

भिलाई जिला भाजपा अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने प्रशासनिक प्रणाली पर चुनावों के प्रभाव की बात की, वहीं विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने इसे प्रधानमंत्री मोदी के 2047 तक विकसित भारत के विजन से जोड़ा।

विधायक गजेंद्र यादव और रिकेश सेन ने कहा कि बार-बार चुनाव होने से विकास कार्यों में रुकावट आती है और सुरक्षाबल सीमाओं से हटकर बार-बार आंतरिक ड्यूटी में लगते हैं, जिससे सुरक्षा पर असर पड़ता है।

विधायक ईश्वर साहू ने दोहराया कि बार-बार आचार संहिता लागू होने से प्रशासनिक कार्यों में बाधा आती है, जो एक साथ चुनाव से खत्म की जा सकती है।

दुर्ग जिला संयोजक राजेन्द्र कुमार पाध्ये और भिलाई जिला संयोजक बृजेश बिचपुरिया ने एक साथ चुनाव से डबल वोटर की समस्या खत्म होने, एक वोटर लिस्ट के निर्माण, और चुनाव आयोग पर दबाव कम होने की बात कही।

कार्यक्रम का संचालन दिलीप साहू ने किया और इस दौरान मंच पर पूर्व मंत्री रमशिला साहू, महापौर अलका बाघमार, नगर पालिका अध्यक्ष दयानंद सोनकर, पूर्व विधायक सांवला राम डाहरे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यशाला में वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर छोटे-छोटे जनजागरण कार्यक्रम करें, ताकि यह विषय राष्ट्रव्यापी अभियान का रूप ले सके।

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