दुर्ग, 29 अप्रैल 2025: स्टेशन रोड दुर्ग निवासी गुप्ता साइंटिफिक वर्क के संचालक श्री जवाहरलाल गुप्ता जी के निधन पर पूरा समाज शोक में डूब गया। इस कठिन घड़ी में गुप्ता परिवार ने एक मिसाल पेश करते हुए श्री गुप्ता का नेत्रदान और देहदान कर मानव सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाया।

परिवार के सदस्य विजय गुप्ता ने जानकारी दी कि स्वर्गीय श्री गुप्ता ने दो वर्ष पूर्व नवदृष्टि फाउंडेशन को देहदान की वसीयत सौंपी थी। उनके निधन के पश्चात पुत्र श्री रवि गुप्ता, धर्मपत्नी श्रीमती पुष्पा गुप्ता, भाई डॉ. ओ. पी. गुप्ता एवं महेश गुप्ता, पुत्रवधू अवंतिका गुप्ता, पुत्रियाँ, दामाद और पौत्र आर्यमन गुप्ता सहित पूरे गुप्ता परिवार ने स्व. श्री गुप्ता की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए नेत्रदान और देहदान की सहमति दी।

नेत्रदान की प्रक्रिया श्री शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज, जुनवानी के डॉ. संदीप बाचकर, डॉ. निवेश रावते और नेत्र सहायक विवेक कसार द्वारा पूरी की गई। वहीं, एनाटॉमी विभाग की प्रमुख अंजलि वंजारी के निर्देशन में संदीप रिशबुड, दीपक रवानी और दयाराम ने देहदान की प्रक्रिया पूर्ण की।

इस पुण्य कार्य के समय नव दृष्टि फाउंडेशन से राज आढ़तिया, राजेश पारख, मोहित अग्रवाल, विकास जायसवाल, दीपक बंसल, प्रभुदयाल उजाला सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे और संपूर्ण प्रक्रिया में सहयोग प्रदान किया।

स्व. श्री गुप्ता के पुत्र रवि गुप्ता ने कहा, “पिताजी जीवन भर सेवा कार्य में लगे रहे और आज भी दो लोगों को नेत्र ज्योति देकर और अपना शरीर मेडिकल अनुसंधान के लिए समर्पित कर समाज के लिए एक अमूल्य योगदान देकर गए। हमें उन पर गर्व है।”

कुलवंत भाटिया ने बताया कि गुप्ता परिवार में कई सदस्य डॉक्टर हैं और वे नेत्रदान-देहदान के महत्व को समझते हुए समय-समय पर समाज को इसके लिए प्रेरित करते हैं।

बड़ी संख्या में सामाजिक, व्यापारिक और पारिवारिक जनों ने नम आंखों से श्री जवाहरलाल गुप्ता को अंतिम विदाई दी। उनके पार्थिव शरीर को श्री शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज को सौंपा गया।

नवदृष्टि फाउंडेशन की ओर से अनिल बल्लेवार, प्रवीण तिवारी, मुकेश आढ़तिया, रितेश जैन, यतीन्द्र चावड़ा, बंसी अग्रवाल सहित संस्था के सभी सदस्यों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के इस महान कार्य की सराहना की।

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