रायपुर। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और पाकिस्तान की ओर से हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद देशभर में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट मोड पर हैं। रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट को भी हाईअलर्ट पर रखा गया है। हाल ही में जम्मू एयरपोर्ट पर हुए सुसाइड ड्रोन अटैक के बाद रायपुर में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

हालात तब और गंभीर हो गए जब पाकिस्तान ने 8 मई की रात एक बार फिर भारत पर हमला करने की कोशिश की। हालांकि, भारत का S-400 सुदर्शन चक्र एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह मुस्तैद था और उसने दुश्मन के सभी ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही नेस्तनाबूद कर दिया।

इस बीच एक और बड़ा खतरा सामने आया है—सिमी (स्टूडेंट्स ऑफ इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) का। खुफिया सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक बार फिर सिमी नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसे में सिमी के पुराने नेटवर्क और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी तेज कर दी है। गौरतलब है कि 2013 में छत्तीसगढ़ एटीएस ने रायपुर में सक्रिय सिमी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। इस दौरान सिमी के राज्य प्रमुख उमेर सिद्दीकी, एक नाबालिग समेत 17 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था।

रायपुर का सिमी नेटवर्क उस समय सुर्खियों में आया था जब भोपाल एनकाउंटर में मारा गया आतंकवादी शेख मुजीब, रायपुर से जुड़ा पाया गया। उसने न केवल देशभर में धमाकों के लिए विस्फोटकों की सप्लाई यहीं से की थी, बल्कि फरार आतंकियों के लिए ठिकाने भी बनाए थे।

इतना ही नहीं, 2019 में सिमी के अजहर, 2021 में चार कार्यकर्ताओं को 10-10 साल की सजा, और श्रवण की गिरफ्तारी जैसी घटनाएं यह बताती हैं कि रायपुर में यह नेटवर्क समय-समय पर सक्रिय होता रहा है।

अब जब भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है, और आतंकी हमलों की आशंका बनी हुई है, रायपुर में सिमी से जुड़े संभावित नेटवर्क पर खुफिया एजेंसियों की खास नजर है। सुरक्षा एजेंसियों ने साफ किया है कि किसी भी तरह की चूक की कोई गुंजाइश नहीं रखी जाएगी और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

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