दुर्ग, 09 मई 2025। सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत तीसरे चरण का समाधान शिविर जनपद पंचायत दुर्ग के ग्राम मचांदुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में आयोजित किया गया। इस शिविर का उद्देश्य नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों की जन समस्याओं का स्थल पर ही निराकरण करना है।

विधायक श्री ललित चंद्राकर ने इस शिविर को जनता को समर्पित बताते हुए कहा कि सरकार अब दफ्तरों से निकलकर जनता के द्वार पर पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि दुर्ग ग्रामीण विधानसभा के 14 गांवों के लिए यह समाधान शिविर लगाया गया है, जहां 12,260 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 11,942 मामलों का निराकरण किया जा चुका है।

उन्होंने जनता को अवगत कराया कि—

  • किसानों को 3100 रु./क्विंटल की दर से धान का समर्थन मूल्य मिल रहा है।
  • महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को हर माह ₹1000 की सहायता दी जा रही है।
  • आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है।
  • भूमिहीन ग्रामीण श्रमिकों को सालाना ₹10,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत सर्वे कर पात्रों को आवास दिए जाएंगे।

विधायक श्री चंद्राकर ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 5 मई से गांव-गांव दौरा कर रहे हैं और लोगों से सीधा संवाद कर रहे हैं। उन्होंने “एकेच गोठ, एकेच बानी— बूंद-बूंद बचाबो पानी” अभियान के तहत जल संरक्षण और बाल विवाह रोकथाम की शपथ भी दिलाई।

जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे ने जानकारी दी कि—

  • 8 से 11 मई तक जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से आवेदन लिए।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 92,000 लोगों का सर्वे हो चुका है।
  • 12260 में से 12065 आवेदन मांग के और 195 शिकायत के थे।
  • सबसे अधिक आवेदन प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आए, जिन्हें पात्रतानुसार स्वीकृत किया गया।

उन्होंने जनता से सर्वे कार्य में सहयोग करने की अपील की, जिससे योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंच सके।

शिविर में अपर कलेक्टर श्री विरेन्द्र सिंह, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी, जनपद सीईओ श्री रूपेश पांडेय, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती श्रद्धा साहू समेत कई विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Trending

Discover more from Aaj Ki Janta

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading