रायपुर, 10 मई 2025:
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच राजभवन रायपुर में राज्यपाल श्री रमेन डेका की अध्यक्षता में सर्वधर्म सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहे। सभा का मुख्य उद्देश्य शांति, सौहार्द और एकजुटता को बढ़ावा देना था, ताकि राज्य के सभी धर्मों और समाजों में सामूहिक संकल्प जागृत किया जा सके।

🕊️ राज्यपाल का संबोधन

राज्यपाल श्री डेका ने अपने उद्बोधन में कहा कि, “वर्तमान तनावपूर्ण स्थिति केवल सीमाओं पर युद्ध की चुनौती नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की एकजुटता और सहिष्णुता की परीक्षा भी है। हमें संयम, शांति और सद्भाव बनाए रखना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि, “भारत सदियों से विविधताओं को अपनाने वाला देश रहा है, जहां सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है और हर संकट के समय देश के लोग एकजुट होकर खड़े होते हैं।”

🇮🇳 मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा, “भारत सत्य, अहिंसा और शांति का पुजारी है। हम सबको यह दिखाना है कि हम एकजुट हैं और हमारे सैनिकों के अदम्य साहस को हम प्रणाम करते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि, “अभी हमें बहुत सचेत रहने की जरूरत है क्योंकि असामाजिक तत्वों के माध्यम से भ्रामक सूचनाओं का प्रसार किया जा सकता है।”

🧘 धार्मिक नेताओं का योगदान

सर्वधर्म सभा में विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने एकता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लिया। जैन समाज के श्री चंद्रेश शाह, ब्रहमाकुमारी की सविता बहन, सिक्ख समाज के सरदार अमरिक सिंह, ब्रह्मण समाज के श्री दीवाकर तिवारी, बौद्ध समाज के भंते डॉ. जीवक और अन्य धर्मों के प्रतिनिधियों ने शांति और सद्भाव की बात की।

सभा के दौरान, पहलगाम आतंकवादी हमले और युद्ध में शहीद हुए नागरिकों की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया।

इस अवसर पर अधिकारियों और धर्मगुरुओं का एक साथ आना एक महत्वपूर्ण संदेश था कि, “देश की एकता, अखंडता और शांति को बनाए रखने के लिए हम सबका एकजुट होना जरूरी है।”

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