राजनांदगांव, 10 मई 2025:
अब ट्रेन में सफर करना और भी आसान और तेज़ हो गया है। रेलवे ने डिजिटल इंडिया की राह पर एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए यात्रियों के लिए कैशलेस टिकटिंग की सुविधा को व्यापक रूप से लागू कर दिया है। राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर अब क्यूआर कोड स्कैन कर डिजिटल पेमेंट के ज़रिए टिकट लेना बेहद सरल हो गया है।

रेलवे के द्वारा जनरल टिकट से लेकर रिजर्वेशन टिकट तक सभी श्रेणियों में डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। टिकट काउंटर पर अब गंतव्य का क्यूआर कोड फ्लैश किया जाता है, जिसे स्कैन करके यात्री बिना कीमत पूछे ही सीधा भुगतान कर सकता है।

🚉 डिजिटल टिकटिंग को लेकर चलाया जा रहा जागरूकता अभियान

रेलवे के इस तकनीकी परिवर्तन को लेकर डोंगरगढ़ रेलवे के सीआई कुमार निरंजन सिंह ने बताया कि यात्रियों को डिजिटल पेमेंट के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “रेलवे को 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन की ओर ले जाने का लक्ष्य है, लेकिन वर्तमान में केवल 15-20 प्रतिशत लोग ही डिजिटल भुगतान का उपयोग कर रहे हैं।” उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “जब पान ठेला और सब्ज़ीवाले तक डिजिटल पेमेंट स्वीकार कर रहे हैं, तो फिर रेलवे में डिजिटल पेमेंट से लोग क्यों पीछे हैं?”

📱 यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप बना समाधान

उन्होंने यह भी बताया कि अब रेलवे की यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप के माध्यम से अनारक्षित टिकट, मासिक सीजन टिकट का नवीनीकरण, और प्लेटफॉर्म टिकट घर बैठे ही बुक किए जा सकते हैं। इससे न केवल लंबी लाइनों से मुक्ति मिलेगी, बल्कि यात्रियों का समय और ऊर्जा भी बचेगी।

🧾 चिल्लर की झंझट से छुटकारा

अक्सर देखा गया है कि ट्रेन आने की हड़बड़ी में चिल्लर पैसे न होने की वजह से यात्री असहज हो जाते हैं या काउंटर पर खुले पैसे छोड़ देते हैं। लेकिन अब क्यूआर कोड पेमेंट की सुविधा से ये सारी परेशानियां समाप्त हो जाएंगी। यात्री सीधे अपने मोबाइल से पेमेंट कर सकते हैं और बिना किसी असुविधा के अपना टिकट प्राप्त कर सकते हैं।

🔚 नया युग, नई सुविधा

रेलवे की यह पहल यात्रियों को एक तेज़, सुरक्षित और पारदर्शी सेवा प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। डिजिटल भुगतान से जहां यात्रियों को सुविधा मिलेगी, वहीं रेलवे को भी लेन-देन में पारदर्शिता और दक्षता प्राप्त होगी।

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