बेमेतरा, 14 मई 2025/ – ज़िले के ग्राम बहेरा की 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला राजबती के लिए यह दिन किसी चमत्कार से कम नहीं रहा। वर्षों की कोशिश और प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद, उन्हें आखिरकार अपनी ही ज़मीन का वास्तविक कब्जा प्राप्त हुआ। यह सफलता केवल ज़मीन वापस पाने की नहीं, बल्कि प्रशासन की संवेदनशीलता, न्यायप्रियता और तत्परता की भी मिसाल बन गई है।

राजबती की कुछ मीटर ज़मीन पर अतिक्रमण कर लिया गया था, जिसके लिए वह कई बार शिकायत कर चुकी थीं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इस बार उन्होंने सीधा मामला कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा के समक्ष कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रस्तुत किया। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए तत्काल तहसीलदार बेरला श्री आशुतोष गुप्ता को स्थल निरीक्षण और उचित कार्यवाही के निर्देश दिए।

तहसीलदार और राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर जाकर पारदर्शिता से भूमि का पुनः चिन्हांकन किया। अनावेदक साधेलाल की उपस्थिति में राजबती को उनकी ज़मीन का वास्तविक कब्जा दिलाया गया। विवाद की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सीमा रेखा को बांस-बल्ली से स्पष्ट रूप से चिन्हित भी किया गया।

गौरतलब है कि यह वही भूमि थी जिसे पहले भी चिन्हांकित कर कब्जा दिलाया गया था, लेकिन उम्रदराज़ राजबती संसाधनों की कमी के चलते उस पर वास्तविक कब्जा नहीं ले सकी थीं। इस बार प्रशासन की तत्परता और स्थानीय सहयोग से यह कार्य सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

राजबती की आँखों में अब संतोष है और चेहरे पर वर्षों बाद लौटी उम्मीद की झलक। उन्होंने कलेक्टर और तहसील प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज उन्हें फिर से न्याय पर विश्वास हुआ है।

यह घटना न सिर्फ एक महिला की जीत है, बल्कि उस प्रशासन की भी जीत है जो आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेकर उनका समाधान करता है।

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