रायपुर, 14 मई 2025/ — छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर हाल ही में संपन्न हुए अब तक के सबसे बड़े नक्सल विरोधी अभियान में 31 कुख्यात नक्सलियों के खात्मे के साथ नक्सल उन्मूलन अभियान ने एक निर्णायक मोड़ ले लिया है। इस ऐतिहासिक सफलता पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों को बधाई देते हुए इसे नक्सलमुक्त भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में सरकार 31 मार्च 2026 तक देश को पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने सीआरपीएफ, एसटीएफ और डीआरजी के जवानों के शौर्य, धैर्य और साहस को नमन करते हुए कहा कि यह अभियान दुर्गम परिस्थितियों में भी भारतीय सुरक्षा बलों की अटूट इच्छाशक्ति और अनुशासन का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर समेत सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त होगा, और गांव-गांव में शांति, विकास और संविधान का शासन स्थापित होगा।

इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने भी ट्वीट और आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि यह अभियान न केवल सैन्य बल्कि मनोवैज्ञानिक और वैचारिक विजय है। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन को महज 21 दिनों में ज़ीरो कैज़ुअल्टी के साथ अंजाम दिया गया, जो हमारी रणनीति और सुरक्षा बलों के समर्पण का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

श्री शाह ने कहा, “यह वही क्षेत्र है जो नक्सली रणनीति, प्रशिक्षण और हथियार निर्माण का गढ़ था। आज वहां तिरंगा लहरा रहा है — यह भारत की आंतरिक सुरक्षा और संप्रभुता की विजय है।” उन्होंने कहा कि यह अभियान आगामी सुरक्षा अभियानों के लिए मॉडल ऑपरेशन बनेगा।

केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल रणनीति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संकल्प है — 2026 तक नक्सलवाद के समूल नाश का लक्ष्य अब बहुत निकट है। केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वय और साझा प्रयासों से यह बड़ी सफलता संभव हुई है।

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