रायपुर, 23 मई 2025: छत्तीसगढ़ सरकार की प्रभावी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति – 2025 और ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के सार्थक परिणाम अब दिखने लगे हैं। बीजापुर जिले में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए कुल 87 लाख 50 हजार रुपये के इनामी 24 हार्डकोर नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

इनमें से 20 नक्सलियों पर ₹50,000 से ₹10 लाख तक के इनाम घोषित थे। यह आत्मसमर्पण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस मौके पर कहा कि “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मार्च 2026 तक देश और प्रदेश से लाल आतंक का समूल नाश निश्चित है। यह आत्मसमर्पण उसी निर्णायक यात्रा की एक मजबूत कड़ी है।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब नक्सली खुद यह समझने लगे हैं कि हिंसा केवल विनाश लाती है। राज्य सरकार इन आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास और सामाजिक पुनरुत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह परिवर्तन छत्तीसगढ़ में सरकार की नीति और जमीनी प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।

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