रायपुर, 27 मई 2025 – छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर में भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) बनने जा रहा है। यह देश की डिजिटल क्षमताओं को नई ऊंचाई देने वाली ऐतिहासिक परियोजना होगी, जिसे रैकबैंक डेटा सेंटर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना में लगभग ₹1000 करोड़ का निवेश किया जाएगा।

यह अत्याधुनिक एआई डेटा सेंटर करीब 6 एकड़ भूमि पर फैला होगा और इसमें 1.5 लाख वर्ग फीट का हाई-टेक डेटा सेंटर बनेगा। आने वाले वर्षों में इसमें चार और हाई-डेंसिटी डेटा सेंटर जोड़े जाएंगे, जिनकी कुल 80 मेगावाट क्षमता होगी। यह नवा रायपुर को भारत का नया डिजिटल हब बना देगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस पहल को “नवा छत्तीसगढ़ की नई शुरुआत” बताते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और वैश्विक तकनीकी पहचान दिलाएगी। यह डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों को मजबूती देगी।

रैकबैंक के सीईओ श्री नरेंद्र सेन ने बताया कि डेटा सेंटर में आईटी इंजीनियर, डेटा विशेषज्ञ, साइबर सुरक्षा अधिकारी और नेटवर्क मैनेजर जैसे कई पद होंगे। साथ ही, छत्तीसगढ़ के आईटीआई, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों के साथ मिलकर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे, जिससे छात्र सीधे उद्योग से जुड़ सकें।

इस परियोजना का प्रभाव केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। इसका फायदा ग्रामीण और छोटे शहरों के युवाओं को भी मिलेगा। अब कांकेर, सुकमा, बिलासपुर और दंतेवाड़ा जैसे जिलों के छात्र रायपुर में ही रहकर ग्लोबल कंपनियों जैसे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा और ओपनएआई के साथ काम कर सकेंगे।

यह डेटा सेंटर ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेशन के मानकों के अनुरूप होगा और इसमें सौर ऊर्जा, जल संरक्षण, और ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग किया जाएगा।

यह कदम भारत को न केवल एआई सेवाओं का उपभोक्ता, बल्कि एक आत्मनिर्भर निर्माता और वैश्विक होस्ट के रूप में स्थापित करेगा।

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