रायपुर, 04 जून 2025 – छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास की बयार बह रही है। नियद नेल्लानार योजना के तहत नारायणपुर जिले के दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में बदलाव के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। 14 नवीन पुलिस कैंपों की स्थापना के बाद अब यहां सड़क, पुल-पुलिया और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसे आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।

इस क्रम में 13 मई 2025 को जिला प्रशासन ने पहली बार ग्राम कुतुल तक सीधी बस सेवा शुरू की। यह सेवा नारायणपुर मुख्यालय से लगभग 49 किलोमीटर दूर स्थित कुतुल सहित कुरूषनार, बासिंग, कुंदला, कोहकामेटा, ईरकभट्टी, कच्चापाल और कोडलियर जैसे गांवों को जोड़ रही है।

पूर्व में इन इलाकों के ग्रामीण पगडंडियों और जोखिम भरे रास्तों से आवागमन करते थे, विशेषकर बरसात के मौसम में यह चुनौती और भी गंभीर हो जाती थी। रोगियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए उन्हें कंधे पर उठाकर ले जाना पड़ता था। अब बस सेवा से लोगों को समयबद्ध यात्रा, दैनिक जरूरतों की पूर्ति और प्रशासनिक संपर्क में बड़ी राहत मिली है।

इसी तरह नारायणपुर से मसपुर तक 14 गांवों को जोड़ने वाली बस सेवा भी शुरू की गई है। इसके अलावा, क्षेत्र में 4जी मोबाइल टॉवर स्थापित किए गए हैं, जिससे कस्तुरमेटा, मसपुर, ईरकभट्टी, मोहन्दी, होरादी, गारपा और कच्चापाल जैसे गांव अब मोबाइल नेटवर्क से जुड़ गए हैं। इससे न केवल संचार व्यवस्था बेहतर हुई है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सेवाएं भी अधिक सुलभ हो गई हैं।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों के बाद पहली बार उन्हें विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। नियद नेल्लानार योजना ने उनके जीवन में नई आशा और बदलाव की किरण जगाई है।

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