रायपुर, 4 जून 2025 — पुलिस कंट्रोल रूम, भिलाई में नवीन कानून एवं लघु अधिनियम के अंतर्गत मामलों की विवेचना हेतु वरिष्ठ आरक्षकों के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत दिनांक 03 जून 2025 को हुई। इस प्रथम सत्र का शुभारंभ पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज श्री रामगोपाल गर्ग एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री विजय अग्रवाल द्वारा किया गया।

प्रशिक्षण में उपस्थित वरिष्ठ आरक्षकों को संबोधित करते हुए आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं बल्कि वास्तविक अपराध की विवेचना की समझ विकसित करने का एक अवसर है। उन्होंने कहा कि एफआईआर और विवेचना का उद्देश्य सिर्फ चालान प्रस्तुत करना नहीं, बल्कि वास्तविक अपराधी को न्याय दिलाना होना चाहिए। उन्होंने विवेचकों को सलाह दी कि आरोपी के दृष्टिकोण से भी विवेचना करें ताकि कोर्ट में उठाए जाने वाले संभावित प्रश्नों का उत्तर पहले से तैयार हो।

एसएसपी श्री विजय अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि एक चुने हुए विवेचक बनने के लिए आवश्यक है कि विवेचना का उद्देश्य सत्य की खोज हो। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं को समझना और उनका उपयोग करना सीखें। साथ ही उन्होंने गंभीर अपराधों की विवेचना के अनुभव प्राप्त करने के लिए वरिष्ठ विवेचकों के साथ काम करने का सुझाव भी दिया।

प्रशिक्षण सत्र में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्री अभिषेक झा, उप पुलिस अधीक्षक (लाइन) श्री चंद्रप्रकाश तिवारी, और रक्षित निरीक्षक श्री नीलकंठ वर्मा भी मौजूद रहे। कुल 44 वरिष्ठ आरक्षक इस प्रशिक्षण शिविर में भाग ले रहे हैं।

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