रायपुर, 07 जून 2025:
राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में चार दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का रंगारंग शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के करकमलों से हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने किसानों को आम की खेती को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि आम जैसे उद्यानिकी फलों की खेती प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “किसानों की आय दोगुनी” करने के लक्ष्य की दिशा में एक ठोस कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “जितने अधिक आम के पौधे लगेंगे, उतनी ही किसानों की आमदनी बढ़ेगी।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसे उत्सव न केवल किसानों को प्रोत्साहित करते हैं बल्कि नई तकनीकों और किस्मों से अवगत भी कराते हैं।

प्रदर्शनी में दिखीं आम की 200 से अधिक किस्में

कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। महोत्सव में आम की 200+ प्रजातियां और आम से बने 56 प्रकार के व्यंजन आकर्षण का केंद्र बने। 450 से अधिक किसानों ने इस महोत्सव में भाग लिया और करीब 1200 प्रजातियों के आम और उनके उत्पादों का प्रदर्शन किया।

मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि उन्हें यहाँ आम की कई ऐसी दुर्लभ किस्में देखने को मिलीं जो उन्होंने पहले कभी नहीं देखीं। बीजापुर की हाथीझुल नामक आम की प्रजाति, जिसका एक फल 4 किलो तक का होता है, विशेष चर्चा में रही।

एक दिन बढ़ाया गया आम महोत्सव

कुलपति डॉ. चंदेल ने घोषणा की कि नागरिकों के उत्साह को देखते हुए महोत्सव की अवधि एक दिन और बढ़ा दी गई है, और अब यह 9 जून 2025 को समाप्त होगा। कार्यक्रम के अंत में डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के न्यूजलेटर का विमोचन भी किया और कहा कि रायपुर को आने वाले वर्षों में आम महोत्सव के कारण एक नई पहचान मिलेगी।

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