दुर्ग, 08 जून 2025।
धमधा विकासखण्ड के शासकीय हाई स्कूलों में वर्षों से खाली पड़े शिक्षक पदों पर अब नियुक्ति हो चुकी है और इससे शैक्षणिक माहौल में जबरदस्त बदलाव आया है। कभी शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे सिलितरा, बिरेझर, दनिया, पुरदा और पेन्ड्री कु. के सरकारी हाई स्कूलों में अब युक्तियुक्तकरण नीति के तहत व्याख्याताओं की पदस्थापना कर दी गई है, जिससे छात्र-छात्राओं को अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल पा रही है।

शिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण खासकर विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों की पढ़ाई लगभग बंद जैसी हो गई थी, जिससे 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों की पढ़ाई और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। अब इन स्कूलों में विषयवार शिक्षक उपलब्ध हैं—सिलितरा, बिरेझर और दनिया में चार-चार व्याख्याता, जबकि पुरदा में तीन और पेन्ड्री कु. में भी तीन व्याख्याता नियुक्त किए गए हैं।

छात्रों ने इस बदलाव को शिक्षा के लिए वरदान बताया है। कक्षा 9वीं के छात्र रोहित साहू ने कहा, “पहले स्कूल आना मजबूरी था, पढ़ाई नहीं होती थी। अब हर विषय के लिए शिक्षक हैं तो पढ़ाई अच्छे से हो पाएगी।” वहीं, सिलितरा स्कूल के प्रभारी प्रधान पाठक ने बताया कि “व्याख्याताओं की नई नियुक्ति से स्कूल में पढ़ाई का माहौल फिर से बना है और बच्चे स्कूल आने को लेकर उत्साहित हैं।”

नवपदस्थ शिक्षक भी ग्रामीण बच्चों की सीखने की ललक को लेकर प्रेरित हैं और पूरी निष्ठा से पढ़ाने को तत्पर हैं। स्थानीय ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने इस पहल का स्वागत किया और शिक्षा विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय गांव के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगा।

युक्तियुक्तकरण के तहत शिक्षा विभाग की यह पहल दर्शाती है कि समय पर शिक्षक उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में भी शिक्षा का स्तर सुधारा जा सकता है। अब इन स्कूलों में बोर्ड परीक्षाओं की बेहतर तैयारी हो सकेगी और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन मिलेगा।

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