रायपुर, 8 जून 2025। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) परिसर में आज से खास कार्यक्रम “चिंतन शिविर 2.0” का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित यह दो दिवसीय शिविर प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों के लिए समर्पित है, जहां वे अपने अनुभव, सीखी गई बातें और जनसेवा के सफर की समीक्षा कर रहे हैं।

यह शिविर मात्र एक बैठक नहीं, बल्कि मंत्रियों के लिए एक ऐसा मंच है, जहां वे अपने-अपने विभागों में किए गए नवाचार, जनकल्याण से जुड़े अनुभव और आगामी योजनाओं पर गहन चर्चा कर रहे हैं। शिविर का उद्देश्य “विकसित भारत @2047” के सपने को साकार करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका को स्पष्ट करना और प्रदेश की प्रगति के लिए नई दिशा निर्धारित करना है।

विशेष रूप से, शिविर में सुशासन, पारदर्शिता, डिजिटल प्रशासन, लोकसेवा की भावना, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर देशभर से आए विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान दिए जा रहे हैं। “सुशासन से निर्वाचन तक” विषय पर आयोजित सत्र में नीति निर्माण में पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय नेतृत्व से प्राप्त मार्गदर्शन को मंत्रियों के साथ साझा किया, जिससे केंद्र और राज्य की योजनाओं में बेहतर समन्वय स्थापित होगा। शिविर में बस्तर जैसे पिछड़े क्षेत्रों में पर्यटन, स्वरोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में आ रहे सकारात्मक बदलावों पर भी चर्चा हुई, जिससे युवाओं को नए अवसर मिल रहे हैं।

यह शिविर मंत्रियों के लिए आत्ममंथन का अवसर भी है, जहां वे अपने निर्णयों पर विचार कर भविष्य में जनता की जिंदगी बेहतर बनाने के उपायों पर जोर दे रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रियों को केवल विभागीय प्रमुख न मानते हुए उन्हें विकास यात्रा के सहभागी, प्रेरक और जवाबदेह जनसेवक बनने का संदेश दिया।

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