रायपुर, 16 जून 2025:
राजधानी रायपुर में बढ़ते आपराधिक घटनाओं को लेकर भाजपा नेता देवेंद्र गुप्ता ने छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से कहा कि राजधानी के रेलवे स्टेशन पर हुई चाकूबाज़ी की घटना और गिधौरी गांव में मुखबिरी के संदेह में एक युवक की पिटाई इस बात का प्रमाण है कि अपराधियों में पुलिस का भय खत्म हो चुका है।

देवेंद्र गुप्ता ने पोस्ट में लिखा है कि “हमें सुशासन का अहसास कराए छत्तीसगढ़ पुलिस” और बताया कि अब अपराधियों के मन में पुलिस का डर नहीं बचा है। उन्होंने पुलिस पर यह आरोप लगाया कि कई बार जब तक मामला सोशल मीडिया या सार्वजनिक चर्चा में न आए, पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने से कतराती है। यह ढीलापन न केवल अपराधियों का हौसला बढ़ाता है बल्कि आम लोगों के कानून पर भरोसे को भी कमजोर करता है।


सूचना मिलते ही दर्ज करें अपराध

देवेंद्र गुप्ता ने आगे लिखा कि उन्हें कुछ ऐसी सूचनाएं भी मिली हैं जिनसे यह पता चलता है कि कई बार पुलिस जानबूझकर मामला दर्ज नहीं करती, ताकि वह बड़े विवाद का रूप न ले। उनका मानना है कि पुलिस को तुरंत संज्ञान लेकर अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, चाहे मामला बड़ा हो या छोटा।


सरकार को देना चाहिए विशेष ध्यान

देवेंद्र गुप्ता ने छत्तीसगढ़ सरकार से भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर ध्यान देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि पुलिस स्वतः संज्ञान ले और अपराधियों के खिलाफ सघन अभियान चलाए। उन्होंने कहा कि जब तक आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेगा, तब तक “सुशासन” केवल एक शब्द बनकर रह जाएगा।


कानून का भय जरूरी

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई जरूरी है, ताकि समाज में कानून का भय बना रहे। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विजय शर्मा, और भारतीय जनता पार्टी (BJP) से इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की अपील की है।


निष्कर्ष

देवेंद्र गुप्ता का यह बयान छत्तीसगढ़ में हाल ही में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और पुलिस की निष्क्रियता पर समाज में बढ़ रही चिंता को दर्शाता है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि आम आदमी की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हुई, तो राज्य में सुशासन का सपना अधूरा रह जाएगा।

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