दुर्ग, 18 जून 2025:
छत्तीसगढ़ के पूर्व गृह मंत्री एवं दुर्ग ग्रामीण विधानसभा के पूर्व विधायक ताम्रध्वज साहू के नेतृत्व में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह से मुलाकात कर दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र और रिसाली नगर निगम की जटिल समस्याओं को लेकर 18 बिंदुओं का ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने इन मुद्दों को गंभीर बताते हुए प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की।


भारतमाला परियोजना और मुआवजा विसंगति पर जताई आपत्ति

ज्ञापन में भारतमाला परियोजना के अंतर्गत हो रहे कार्यों से किसानों को हो रही समस्याओं और भूमि अधिग्रहण में मुआवजा विसंगति का प्रमुखता से उल्लेख किया गया।
ताम्रध्वज साहू ने कहा कि ग्राम थनौद, बिरेझर और चंगोरी में बाढ़ की संभावित स्थिति के मद्देनजर शिवनाथ नदी के पुल से 500 मीटर पूर्व कॉलम द्वार निर्माण किया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।

इसके अलावा विपसना केंद्र के पास अंडरग्राउंड ब्रिज की ऊँचाई को वर्तमान 4 मीटर से बढ़ाकर 6 मीटर करने की भी मांग की गई है। साथ ही भूमि अधिग्रहण में दोगुना मुआवजा, परिसंपत्तियों और वर्गफुट के मानकों के अनुसार राशि देने की मांग की गई है।


नई रेलवे लाइन में ज़मीन बिक्री पर रोक हटाने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने परमालकसा-बालौदाबाजार-खरसिया प्रस्तावित रेलवे लाइन के अंतर्गत जिन ग्रामों की ज़मीन पर बेवजह प्रतिबंध लगाया गया है – जैसे थनौद, कोनारी, खम्हरिया आदि – वहां सिर्फ चिन्हांकित भूमि पर ही रोक लगाने की मांग की गई है।


मनरेगा और खाद की आपूर्ति पर चिंता

मनरेगा योजना में 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित करने, वर्ष 2025-26 की योजना के अनुरूप कार्य स्वीकृत करने तथा सभी जॉब कार्डधारी मजदूरों को रोजगार देने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
साथ ही डीएपी खाद की भारी कमी को दूर करने और अन्य खादों की समुचित आपूर्ति की मांग भी ज्ञापन में की गई।


रिसाली निगम में प्रशासनिक अनियमितताओं पर गंभीर आरोप

ज्ञापन में रिसाली नगर निगम के प्रशासनिक अधिकारियों पर आरोप लगाया गया कि वे कार्यों की जानकारी और दस्तावेजों का अवलोकन जानबूझकर महापौर और पार्षदों से छिपा रहे हैं।
पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि जनता द्वारा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अधिकारों से वंचित किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के विरुद्ध है।

साथ ही, स्वच्छता टेंडर में भारी अनियमितता का आरोप भी लगाया गया। जहां पिछले वर्ष ₹6.50 करोड़ का टेंडर था, वहीं इस बार बिना स्रोत के ₹12.50 करोड़ का टेंडर दिया गया, जबकि निगम की वित्तीय स्थिति पहले से कमजोर है।


अन्य प्रमुख मांगें:

  • विद्युत कटौती पर रोक लगाने की मांग
  • मुख्यमंत्री आवास योजना की किस्तों में देरी समाप्त करने की मांग
  • 15वें वित्त आयोग की राशि का निष्पक्ष वितरण
  • नई शराब दुकानें न खोले जाने तथा पुरानी दुकानों को बंद करने की मांग

प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख लोग:

पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू,
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष प्रदीप चंद्राकर,
महापौर शशि सिन्हा,
पूर्व सरपंच संघ अध्यक्ष रिवेन्द्र यादव,
केशकला शिल्पी बोर्ड अध्यक्ष नंदकुमार सेन,
जनपद उपाध्यक्ष राकेश हिरवानी,
पूर्व जिला पंचायत सदस्य योगिता चंद्राकर,
पूर्व पार्षद मनीष साहू,
पार्षद जहीर अब्बास,
अन्य स्थानीय नेता उपस्थित थे।


निष्कर्ष:

ज्ञापन सौंपते हुए ताम्रध्वज साहू ने कहा कि यह प्रशासन का दायित्व है कि वह आम जनता, किसान, मजदूर और जनप्रतिनिधियों की समस्याओं को गंभीरता से सुने और तत्काल समाधान की दिशा में काम करे। यदि समस्याएं हल नहीं हुईं, तो कांग्रेस चरणबद्ध आंदोलन की तैयारी करेगी।

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