दुर्ग, 18 जून 2025: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के पूर्व सप्ताह में स्वास्थ्य, स्वच्छता और हरित जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला आयुष विभाग द्वारा ‘योग संगम’ थीम के अंतर्गत विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रारंभ की गई है। इसी क्रम में आज नाना-नानी, दादा-दादी पार्क में एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन जिला आयुष अधिकारी डॉ. दिनेश चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में हुआ। इसमें अनेक योग विशेषज्ञों और आयुष चिकित्सकों ने भाग लिया और नागरिकों को योग, जीवनशैली, आहार और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझाया।


प्रमुख गतिविधियाँ:

🔹 डॉ. जया साहू ने विभिन्न योग गतिविधियों की जानकारी देकर प्रतिभागियों को दैनिक जीवन में योग को शामिल करने के लिए प्रेरित किया।

🔹 डॉ. मनीन्द्रमोहन श्रीवास्तव ने हरित योग की अवधारणा पर प्रकाश डाला और वृक्षारोपण को योग का अनिवार्य हिस्सा मानते हुए सभी को पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया।

🔹 डॉ. नम्रता यादव ने कॉमन योगा प्रोटोकॉल पर प्रशिक्षण देते हुए बताया कि “योग संगम” का उद्देश्य एक समन्वित एवं सामूहिक योग प्रदर्शन को सुनिश्चित करना है।


भिलाई 03 में अष्टांग योग और जीवनशैली पर व्याख्यान

इसी थीम के अंतर्गत शिव पब्लिक स्कूल, भिलाई-03 में योग चिकित्सक डॉ. अकांक्षा मिश्रा ने अष्टांग योग पर गहन व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि अष्टांग योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि मानसिक शांति और आत्मनियंत्रण की दिशा में भी सहायक है।

साथ ही, डॉ. सरला बांधे ने योग और जीवनशैली पर अपने विचार साझा करते हुए बताया कि आज की भागदौड़ भरी दुनिया में योग एकमात्र साधन है जो तन, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित कर सकता है।


योग शिविर और पौष्टिक आहार वितरण

जिले की विभिन्न संस्थाओं में 17 से 21 जून तक निःशुल्क योग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में प्रतिदिन हजारों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। योगाभ्यास के साथ-साथ जनसमुदाय को आहार-विहार की जानकारी भी दी जा रही है।

अंकुरित चना, गुड़ और सत्तू का वितरण कर लोगों को प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक आहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।


स्वच्छता का संदेश

कार्यक्रम के अंत में जिला आयुर्वेद चिकित्सालय दुर्ग एवं आयुषविंग दुर्ग की टीम ने योग अभ्यास के बाद स्वच्छता अभियान चलाया। उपस्थित लोगों को साफ-सफाई का महत्व बताया गया और ‘स्वस्थ शरीर के लिए स्वच्छ वातावरण’ का संदेश दिया गया।


निष्कर्ष:

“योग संगम” के माध्यम से जिला आयुष विभाग ने न केवल योग के शारीरिक लाभों को उजागर किया, बल्कि इसे हरित जीवनशैली, पौष्टिक आहार और स्वच्छता से जोड़कर समग्र स्वास्थ्य की अवधारणा को साकार रूप दिया है। यह पहल निश्चित रूप से जिलेवासियों को एक स्वस्थ, जागरूक और संतुलित जीवनशैली की ओर अग्रसर करेगी।

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