रायपुर, 23 जून 2025:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ विज़न के तहत छत्तीसगढ़ को दो नए राष्ट्रीय स्तर के फोरेंसिक संस्थान मिलने जा रहे हैं। राज्य की नई राजधानी नव रायपुर के बंजारी गांव में इन संस्थानों की आधारशिला रखी गई है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU) और सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (CFSL) के भवनों के निर्माण कार्य का भूमिपूजन कर इसकी विधिवत शुरुआत की।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और राज्य मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।

अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का लक्ष्य है कि देशभर में 26 स्थानों पर फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी और आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएं। इससे अपराध की जांच तेज़, वैज्ञानिक और निष्पक्ष हो सकेगी।” उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को यह सौगात मिलना प्रदेश के लिए गौरव की बात है और इससे स्थानीय युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।

फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU) न केवल अनुसंधान और शिक्षा का केंद्र बनेगी, बल्कि यह अपराध नियंत्रण, साइबर सुरक्षा, डेटा फोरेंसिक्स, डीएनए विश्लेषण जैसी आधुनिक विधियों में भी प्रशिक्षण प्रदान करेगी। वहीं, CFSL अपराध मामलों की जांच को वैज्ञानिक आधार पर गति देगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि “यह संस्थान छत्तीसगढ़ की पहचान को एक नया आयाम देंगे। यह राज्य को नक्सल प्रभावित क्षेत्र की छवि से बाहर निकाल कर तकनीकी और शैक्षणिक केंद्र के रूप में स्थापित करेंगे।”

राज्य में इन संस्थानों की स्थापना से पुलिस, जांच एजेंसियों और न्याय व्यवस्था को अत्याधुनिक तकनीकी सहायता मिलेगी, जिससे न्यायिक प्रक्रियाएं अधिक सशक्त और प्रभावी बनेंगी।

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