रायपुर, जून 2025:
छत्तीसगढ़ के दूरस्थ आदिवासी अंचलों के युवाओं के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी पहल की जा रही है। एनएमडीसी (NMDC) द्वारा शुरू की गई दो प्रमुख योजनाएं— बालिका शिक्षा योजना और मेडिकल टेक्नोलॉजी प्रोग्राम—आदिवासी छात्रों को पूरी तरह से नि:शुल्क प्रोफेशनल डिग्री दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई हैं।


1. बालिका शिक्षा योजना – आदिवासी बेटियों के लिए

इस योजना के तहत बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, कोंडागांव, बीजापुर और नारायणपुर जिलों की अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग की बालिकाओं को 100% मुफ्त नर्सिंग शिक्षा प्रदान की जाएगी। छात्राएं प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे अपोलो स्कूल ऑफ नर्सिंग, यशोदा स्कूल ऑफ नर्सिंग और KIMS कॉलेज ऑफ नर्सिंग (हैदराबाद) में BSc नर्सिंग (4 वर्ष) और GNM (3 वर्ष) की पढ़ाई कर सकेंगी।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 200 सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें से 110 सीटें BSc नर्सिंग और 90 सीटें GNM के लिए आरक्षित हैं। छात्राओं की शिक्षा, हॉस्टल और सभी अकादमिक खर्चों को NMDC द्वारा वहन किया जाएगा। प्रति छात्रा लगभग ₹12 से ₹15 लाख का व्यय किया जाएगा।

आवेदन के लिए पात्रता में यह शर्त रखी गई है कि परिवार की वार्षिक आय ₹72,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदन की अंतिम तिथि 28 जून 2025 है।


2. मेडिकल टेक्नोलॉजी प्रोग्राम – आदिवासी लड़के और लड़कियों के लिए

एनएमडीसी द्वारा अपोलो यूनिवर्सिटी, चित्तूर के साथ मिलकर एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसमें दंतेवाड़ा और बस्तर के अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को पूरी तरह से प्रायोजित एलाइड हेल्थकेयर शिक्षा दी जाएगी।

इस कार्यक्रम में 90 सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें 60% सीटें लड़कियों और 40% लड़कों के लिए आरक्षित हैं। कोर्स में निम्नलिखित विशेषीकृत BSc कार्यक्रम शामिल हैं:

  • इमरजेंसी मेडिकल टेक्नोलॉजी
  • मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी
  • एनेस्थेसियोलॉजी व ऑपरेशन थिएटर तकनीशियन
  • इमेजिंग टेक्नोलॉजी
  • फिजीशियन असिस्टेंट
  • रीनल डायलिसिस टेक्नोलॉजी

इस योजना में भी प्रति छात्र ₹12 से ₹15 लाख तक का संपूर्ण खर्च NMDC द्वारा वहन किया जाएगा। आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून 2025 रखी गई है।


छत्तीसगढ़ में बीते छह दशकों से विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे NMDC की यह पहल राज्य के आदिवासी युवाओं के लिए रोजगार, सम्मान और उज्जवल भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रही है।

Leave a Reply

Trending

Discover more from Aaj Ki Janta

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading