रायपुर, 26 जून 2025 – खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल की अध्यक्षता में आज मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक महानदी भवन, नवा रायपुर में संपन्न हुई। बैठक में किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदी गई 149.25 लाख मीट्रिक टन धान के निराकरण, भंडारण और विक्रय की विस्तृत समीक्षा की गई। यह आंकड़ा राज्य गठन के बाद अब तक की सबसे बड़ी धान खरीदी मानी जा रही है।

बैठक में बताया गया कि 35 लाख मीट्रिक टन अतिशेष धान को ई-नीलामी के माध्यम से बेचने का निर्णय मंत्रिपरिषद द्वारा लिया गया है। एम-जंक्शन प्लेटफॉर्म पर की गई नीलामी के पहले चरण में 18.91 लाख मीट्रिक टन धान का सफलतापूर्वक विक्रय हो चुका है। 12.57 लाख मीट्रिक टन धान का निराकरण अभी शेष है, जिसे शीघ्र निपटाने के लिए जिला विपणन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ऐसे निविदाकार जो निर्धारित समय में सुरक्षा निधि या क्रय मूल्य (MVP) जमा नहीं कर सके, उन्हें अब 15 जुलाई 2025 तक की अंतिम समय-सीमा दी गई है। वहीं, खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में चावल जमा करने की तिथि बढ़ाकर 5 जुलाई 2025 कर दी गई है।

प्राइस मेचिंग के दौरान आ रही तकनीकी दिक्कतों के निराकरण हेतु महाप्रबंधक (विपणन) की अध्यक्षता में एक तकनीकी समिति का गठन किया गया है, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और सरलता सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर बैठक में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले, वित्त सचिव मुकेश बंसल, उद्योग सचिव रजत कुमार, मार्कफेड प्रबंध संचालक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

राइस मिलर्स एसोसिएशन ने इन निर्णयों का स्वागत करते हुए खाद्य मंत्री को धन्यवाद ज्ञापन भी सौंपा है। साथ ही, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा केंद्रीय खाद्य मंत्री से मुलाकात कर केंद्रीय पूल में चावल जमा करने के लक्ष्य को 70 लाख मीट्रिक टन से अधिक बढ़ाने का अनुरोध किया गया है, जिस पर केंद्र सरकार ने सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया है।

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