जशपुर, छत्तीसगढ़ — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को जशपुर जिले के बागिया स्थित अपने शिविर कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से एग्रो-हॉर्टी एक्सपो और बायर्स-सेलर्स मीट का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम कृषि क्रांति अभियान के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य किसानों को तकनीक, बाजार और वैज्ञानिक तरीकों से जोड़ते हुए उनकी आय में वृद्धि करना है।

मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को जशपुर के कृषि विकास में “मील का पत्थर” बताते हुए जिला प्रशासन के नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (FPOs) के माध्यम से किसान अब सीधे अग्रणी कंपनियों के साथ फसल बिक्री के समझौते कर सकेंगे, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और किसानों को उचित मूल्य मिलेगा।

साय ने सॉइल हेल्थ कार्ड की उपयोगिता पर जोर देते हुए इसे वैज्ञानिक कृषि का महत्वपूर्ण उपकरण बताया। उन्होंने कहा, “यह कार्ड मृदा के अनुसार उपयुक्त फसल और आवश्यक खाद की मात्रा निर्धारित करता है, जिससे उत्पादकता बढ़ती है और लागत घटती है।” उन्होंने यह भी बताया कि राज्य भर में कृषि वैज्ञानिक किसानों को मृदा स्वास्थ्य और उन्नत खेती के तौर-तरीकों के बारे में जागरूक कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही केंद्र सरकार की योजनाओं — प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पीएम-किसान सम्मान निधि — का उल्लेख करते हुए कहा कि ये योजनाएं किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर रही हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा धान की खरीदी ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से (21 क्विंटल प्रति एकड़ तक), वनोपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर संग्रहण, और प्रसंस्करण तथा निर्यात केंद्रित योजनाएं चलाई जा रही हैं।

साय ने जशपुर की बागवानी क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां कटहल, आम, लीची, नाशपाती जैसे फलों का भरपूर उत्पादन होता है और अब सेब की खेती भी शुरू हो चुकी है। इससे जशपुर को एक एग्री-हॉर्टी हब के रूप में विकसित किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में पशुपालन, मत्स्य पालन और डेयरी विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डेयरी विकास योजना के तहत जशपुर को छह जिलों में शामिल किया गया है, जहां पायलट प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है।

नवाचार का मंच बना एग्रो-एक्सपो

एग्रो-हॉर्टी एक्सपो में किसानों और FPOs द्वारा जैविक धान, कुटकी, रागी, रामतिल और मिर्च जैसी फसलों का प्रदर्शन किया जा रहा है। कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ आम और नाशपाती के लिए प्रतियोगिता आयोजित की गई है। साथ ही नवोन्मेषी कृषि तकनीकों के लिए भी पुरस्कार दिए जा रहे हैं, जिससे किसानों को नवाचार के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

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