रायपुर, 30 जून 2025।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन के सेक्रेटरी ब्लॉक के पंचम तल पर निर्मित नवीन अत्याधुनिक सभागार का भव्य लोकार्पण किया। कुल 13.90 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह सभागार प्रदेश शासन की प्रशासनिक दक्षता और आधुनिक प्रौद्योगिकी के संगम का प्रतीक बनकर सामने आया है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, श्री विजय शर्मा, सहित मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ सदस्य एवं प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित रहे।


अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त है नया सभागार

इस 6450 वर्गफुट क्षेत्र में फैले भव्य कॉन्फ्रेंस हॉल में कुल 185 सीटों की बैठक क्षमता है। यह सभागार हर दृष्टि से आधुनिक तकनीक से लैस है, जिसमें शामिल हैं:

  • आंतरिक विद्युतीकरण प्रणाली
  • अग्निशमन व्यवस्था (फायर सेफ्टी सिस्टम)
  • वातानुकूलन (एयर कंडीशनिंग)
  • ऑडियो-विजुअल प्रेजेंटेशन सिस्टम
  • फर्नीचर और आंतरिक साज-सज्जा

यह सभागार मंत्रालय स्तर पर होने वाली उच्चस्तरीय बैठकों, नीति निर्धारण और प्रशासनिक चर्चाओं के लिए उपयोग में लाया जाएगा। इसकी संरचना को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि वह राज्य के प्रशासनिक तंत्र को नई ऊर्जा और कार्यकुशलता प्रदान करे।


लोकार्पण समारोह में मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद

मुख्यमंत्री के साथ समारोह में मौजूद अन्य गणमान्य व्यक्तियों में शामिल थे:

  • कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम
  • वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी
  • खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल
  • वन मंत्री श्री केदार कश्यप
  • उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन
  • स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल
  • महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े
  • राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा

वहीं प्रशासनिक अमले से:

  • मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन
  • मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह
  • सचिव श्री मुकेश बंसल, श्री पी. दयानंद, डॉ. बसवराजू एस., श्री राहुल भगत, श्री रजत कुमार, श्री अंकित आनंद, श्री अविनाश चम्पावत समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा – यह सभागार आधुनिक छत्तीसगढ़ की प्रतीक संरचना

लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा:

“यह नवीन सभागार न केवल कार्यक्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि प्रशासनिक बैठकों के संचालन को और अधिक प्रभावी बनाएगा। यह एक ऐसा मंच है जहां प्रदेश की योजनाओं और नीतियों पर प्रभावशाली ढंग से मंथन और क्रियान्वयन हो सकेगा।”

उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को स्मार्ट प्रशासनिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।


निष्कर्ष:

छत्तीसगढ़ सरकार के इस कदम से यह स्पष्ट है कि राज्य प्रशासनिक आधारभूत संरचनाओं के आधुनिकीकरण और डिजिटल दक्षता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह नवीन सभागार आने वाले समय में राज्य के नीति निर्धारण और विकास योजना निर्माण का प्रमुख केंद्र बनेगा।

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