रायपुर, छत्तीसगढ़।
सोमवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय में हुई छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक में राज्य के किसानों, सरकारी कर्मचारियों और अन्य वर्गों के हित में कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में जहां सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन और पेंशन से जुड़ी राहत दी गई, वहीं किसानों को भी कृषक उन्नति योजना के तहत नई सौगात मिली। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ को लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं।


सरकारी कर्मचारियों को राहत: अब 2 साल में मिलेगा प्रमोशन

साय सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब उच्च श्रेणी के पंजीयन लिपिक पद से उप पंजीयक पद पर प्रमोशन के लिए 5 साल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत केवल 2 साल में ही प्रमोशन मिल सकेगा।

इसके साथ ही सरकार ने पेंशन से जुड़ी व्यवस्था को और पारदर्शी व समयबद्ध बनाने के लिए पेंशन भुगतान समिति के गठन का निर्णय लिया है। यह समिति छत्तीसगढ़ पेंशन फंड के माध्यम से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर पेंशन भुगतान सुनिश्चित करेगी।


किसानों के लिए कृषक उन्नति योजना का विस्तार

राज्य सरकार ने किसानों के हित में कृषक उन्नति योजना का दायरा बढ़ाते हुए निर्णय लिया है कि अब इस योजना का लाभ केवल धान उत्पादक किसानों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके अंतर्गत अब दलहन, तिलहन और मक्का की खेती करने वाले पंजीकृत किसानों को भी सहायता राशि दी जाएगी।

इसके अलावा खरीफ सीजन में पंजीकृत किसानों को, जिन्होंने समर्थन मूल्य पर धान बेचा है, उन्हें भी इस योजना के अंतर्गत सहायता दी जाएगी। यह निर्णय किसानों की आमदनी बढ़ाने और विविध कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।


छत्तीसगढ़ बनेगा लॉजिस्टिक हब: स्टोरेज और एक्सपोर्ट को मिलेगा बढ़ावा

सरकार ने छत्तीसगढ़ को लॉजिस्टिक हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 को मंजूरी दी गई है। इस नीति के तहत राज्य में भंडारण क्षमता बढ़ाई जाएगी, जिससे व्यापारियों और किसानों को सस्ती और सुलभ स्टोरेज सुविधाएं मिलेंगी।

इससे न केवल किसानों को अपनी फसल का भंडारण करने में सुविधा होगी, बल्कि राज्य की निर्यात क्षमता भी बढ़ेगी। राज्य में कृषि, वन, और अन्य उत्पादों का वैल्यू एडिशन कर देश और विदेश में भेजने की दिशा में यह नीति अहम मानी जा रही है।


अन्य प्रमुख फैसले:

  • नक्सल ऑपरेशन में शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को अब अन्य विभागों में भी अनुकंपा नियुक्ति का अवसर मिलेगा।
  • राज्य की पांच अन्य जातियों के छात्रों को अनुसूचित जाति के समान छात्रवृत्ति और हॉस्टल में प्रवेश की सुविधा दी जाएगी।
  • बाघों के संरक्षण को लेकर सरकार अब तेजी से काम करेगी और इको-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ फाउंडेशन सोसायटी का गठन किया जाएगा।

निष्कर्ष:

साय सरकार की यह कैबिनेट बैठक राज्य के विकास के साथ-साथ किसानों, कर्मचारियों और युवाओं के भविष्य को संवारने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। किसानों को जहां कृषि क्षेत्र में विविधता और आर्थिक सहयोग मिलेगा, वहीं कर्मचारियों को पेंशन और प्रमोशन में राहत से लाभ पहुंचेगा। इसके अलावा लॉजिस्टिक पॉलिसी से राज्य के व्यापारिक ढांचे को मजबूती मिलेगी।

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