रायपुर, 30 जून 2025। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। खासकर बिलासपुर जिले के उपभोक्ताओं को इसका बड़ा फायदा मिल रहा है। इस योजना से न केवल बिजली बिल में कटौती हो रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और अक्षय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिल रहा है।

बिलासपुर के अशोक नगर निवासी श्रीमती अंजलि सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने मकान की छत पर तीन किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया है, जिसकी कुल लागत ₹1,85,000 आई। इसमें उन्हें केंद्र सरकार से ₹78,000 की सब्सिडी मिली, जिससे लागत काफी कम हो गई।

राज्य सरकार भी दे रही है ₹30,000 तक का अतिरिक्त अनुदान

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार ने केंद्र की इस योजना में सहयोग करते हुए अतिरिक्त ₹30,000 तक की सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य राज्य में अक्षय ऊर्जा को प्रोत्साहन देना और आम जनता को बिजली खर्च में राहत पहुंचाना है।

श्रीमती अंजलि सिंह ने बताया कि पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल ₹2500 से ₹3000 तक आता था, लेकिन अब यह आधा रह गया है। साथ ही, बिजली कटौती और शिकायतों की समस्या से भी राहत मिली है। उन्होंने बताया कि आवेदन करने के 10 दिनों के भीतर सोलर सेटअप स्थापित कर दिया गया था।

क्या है योजना का लाभ?

  • 1 किलोवाट प्लांट पर: केंद्र से ₹30,000 + राज्य से ₹15,000 = कुल ₹45,000 अनुदान
  • 2 किलोवाट प्लांट पर: केंद्र से ₹60,000 + राज्य से ₹30,000 = कुल ₹90,000 अनुदान
  • 3 किलोवाट प्लांट पर: केंद्र से ₹78,000 + राज्य से ₹30,000 = कुल ₹1,08,000 अनुदान

नेट मीटरिंग और अतिरिक्त आय की सुविधा

इस योजना के तहत लगाए गए सोलर रूफटॉप सिस्टम को ग्रिड से जोड़ा जाता है। यदि उपभोक्ता जरूरत से ज्यादा बिजली पैदा करता है तो वह ग्रिड को बिजली बेच सकता है, जिससे न सिर्फ बिजली बिल शून्य होता है, बल्कि अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है।

पंजीयन की प्रक्रिया

इस योजना का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ता https://pmsuryaghar.gov.in वेबसाइट या पीएम सूर्यघर मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं।

श्रीमती अंजलि सिंह ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस योजना से जुड़ें, क्योंकि सोलर सिस्टम का रखरखाव आसान है और कोई अतिरिक्त खर्च भी नहीं आता।

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