रायपुर, 1 जुलाई 2025:
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने औद्योगिक विकास के क्षेत्र में एक नई उड़ान भरते हुए 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए हैं। छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग-2 के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने इन प्रस्तावों का स्वागत करते हुए बताया कि इससे 20,627 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में राष्ट्रीय केंद्र बनने को तैयार है। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति रोजगार और आर्थिक समृद्धि पर केंद्रित है, और राज्य को नक्सलवाद के अतीत से बाहर निकाल कर देश का औद्योगिक व तकनीकी हब बनाया जा रहा है।

लॉजिस्टिक नीति-2025: विकास की नई धुरी

हाल ही में कैबिनेट द्वारा पारित छत्तीसगढ़ लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 को राज्य में लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स और निर्यात अधोसंरचना को बढ़ावा देने वाला एक बड़ा कदम बताया गया। इससे ड्राई पोर्ट्स, इनलैंड कंटेनर डिपो, और सस्ती व आधुनिक भंडारण सुविधाएं विकसित होंगी, जिससे उद्योगों और किसानों दोनों को लाभ मिलेगा।

जन विश्वास विधेयक: व्यवसाय में सहूलियत

मुख्यमंत्री ने जन विश्वास विधेयक को व्यवसायियों के लिए राहत का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि इससे अनावश्यक कानूनी जटिलताएं समाप्त होंगी, और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यह विधेयक मील का पत्थर साबित होगा।

संरचनात्मक सुधार और निवेश का रिकॉर्ड

पिछले डेढ़ साल में लागू किए गए 350 से अधिक संरचनात्मक सुधारों के परिणामस्वरूप, मात्र 6 महीनों में 5.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में भारी उत्साह देखा गया। अकेले वित्तीय वर्ष 2025 में राज्य ने 1,63,749 करोड़ का निवेश आकर्षित किया।

सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी हब की ओर कदम

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पॉलीमैटेक कंपनी को मात्र 3 महीने में भूमि आवंटित कर एनओसी जारी की गई, और कंपनी ने 1,143 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। इससे हर साल 10 अरब चिप्स का उत्पादन होगा। नवा रायपुर को ‘सिलिकॉन वैली ऑफ छत्तीसगढ़’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव

रावघाट-जगदलपुर रेललाइन, खरसिया-परमालकसा लाइन, जलमार्ग, और एयर कार्गो सेवाएं जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण पर भी तेज़ी से काम हो रहा है।

बस्तर और सरगुजा: अब विकास की पहचान

कभी नक्सल प्रभावित रहे बस्तर और सरगुजा में अब रोजगार और उद्यमिता की नई कहानी लिखी जा रही है। बस्तर दशहरा को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने के प्रयास, तीरथगढ़ ग्लास ब्रिज, टूरिज्म सर्किट और आदिवासी उद्यमियों को सब्सिडी, यह सभी संकेत देते हैं कि राज्य अब समावेशी विकास की ओर बढ़ रहा है।

निवेशकों को सौंपे गए आमंत्रण पत्र

मुख्यमंत्री ने 11 प्रमुख कंपनियों को इन्वेस्टमेंट इनविटेशन लेटर सौंपे। इनमें सारडा हाइड्रोपावर, जिंदल स्टील, वीटेक प्लास्टिक, केजेएसएल कोल एंड पावर, जुपिटर इंटरनेशनल, ईएसडीएस सॉफ्टवेयर, करमवीर इलेक्ट्रॉनिक्स, एसजी ग्रीन बिल्डिंग्स आदि कंपनियां शामिल रहीं।

सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 का शुभारंभ

वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 का उद्घाटन कर मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे उद्योग स्थापित करने की सभी मंजूरियां एक क्लिक में प्राप्त होंगी, जिससे राज्य देश के अग्रणी निवेश गंतव्यों में शामिल होगा।

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