रायपुर, 01 जुलाई 2025:
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग–2’ के उद्घाटन सत्र में राज्य के औद्योगिक और तकनीकी भविष्य की झलक प्रस्तुत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल पारंपरिक कोर सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मास्युटिकल्स, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे भविष्य के उद्योगों का राष्ट्रीय केंद्र बनने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हम छत्तीसगढ़ को नक्सल प्रभावित अतीत से निकालकर भारत के सबसे तेज़ी से बढ़ते औद्योगिक और तकनीकी हब में बदल रहे हैं। राज्य अब निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक गंतव्य बन चुका है।”

उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक्स नीति–2025 के मसौदे को मंजूरी दी गई है, जो छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इस नीति से ई-कॉमर्स, निर्यात और वेयरहाउसिंग को मजबूती मिलेगी।

नवाचार और सुधारों की नई उड़ान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन विश्वास विधेयक के जरिए व्यापारिक प्रक्रिया को सरल किया गया है, जिससे अनावश्यक मुकदमेबाज़ी से उद्यमियों को राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि बीते डेढ़ वर्षों में 350 से अधिक संरचनात्मक सुधार किए गए हैं और 5.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव केवल छह महीनों में प्राप्त हुए हैं।

उन्होंने यह भी साझा किया कि पोलिमैटेक कंपनी को मात्र तीन महीनों में भूमि आवंटन और एनओसी दी गई है, जिसने 1,143 करोड़ रुपये के सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू कर दिया है। नव रायपुर को ‘छत्तीसगढ़ का सिलिकॉन वैली’ बनाने की दिशा में सरकार तेज़ी से कार्य कर रही है।

सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 का शुभारंभ
मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0’ का शुभारंभ किया, जिससे अब सभी औद्योगिक स्वीकृतियां एक क्लिक में प्राप्त होंगी। इससे निवेश प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और तीव्र बनेगी।

बस्तर और सरगुजा के विकास का नया अध्याय
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और सरगुजा में अब समावेशी विकास हो रहा है। बस्तर में 90,000 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और 40,000 से अधिक को रोजगार प्रदान किया गया है। बस्तर दशहरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की प्रक्रिया चल रही है, और पर्यटन स्थलों जैसे तिरथगढ़ ग्लास ब्रिज का विकास जारी है।

नवीन निवेश और युवाओं को अवसर
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अगले 5 वर्षों में 5 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर 11 प्रमुख कंपनियों को 1,23,073 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के लिए ‘इन्विटेशन टू इन्वेस्ट’ लेटर सौंपे गए, जिससे 20,627 लोगों को रोजगार मिलेगा।

कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लक्ष्मण लाल देवांगन, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, उद्योगपति और प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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