दुर्ग, 01 जुलाई 2025:
दुर्ग जिले के ग्राम धनोरा निवासी रीता बनाफर ने ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का लाभ लेकर न केवल अपने घर का बिजली बिल कम किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक प्रेरणादायक कदम उठाया है। प्रकृति प्रेमी रीता जी लंबे समय से स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग की इच्छा रखती थीं, परंतु सोलर पैनल की शुरुआती लागत उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी।

जब उन्हें केंद्र सरकार की इस योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत आवेदन कर अपने घर की छत पर रूफटॉप सोलर पैनल लगवाए। लगभग 1.82 लाख रुपये की लागत वाले इस सोलर सिस्टम के लिए उन्हें 78 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे यह निवेश उनके लिए सुलभ हो गया।

अब रीता जी के घर की अधिकतर बिजली आवश्यकताएं सौर ऊर्जा से पूरी हो रही हैं। उन्होंने बताया कि जून माह में उनके यहां कुल 2199 यूनिट बिजली की खपत हुई, जिसमें से लगभग आधी बिजली उनके सोलर पैनल द्वारा उत्पन्न की गई। इससे न केवल उन्हें बिजली बिल में काफी राहत मिली है, बल्कि उन्होंने कार्बन उत्सर्जन में भी कमी लाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया है।

रीता बनाफर कहती हैं, “यह योजना मेरे लिए सिर्फ एक तकनीकी समाधान नहीं, बल्कि मेरे पर्यावरण प्रेम की साकार अभिव्यक्ति है।”

उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं राज्य शासन का आभार व्यक्त करते हुए सभी नागरिकों से स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने की अपील की है। उनकी यह प्रेरक कहानी हर घर सौर ऊर्जा की ओर बढ़ते भारत की एक मिसाल है।

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