दुर्ग, 01 जुलाई 2025:
राज्य शासन ने नक्सली हिंसा में शहीद हुए पुलिस कर्मियों के परिजनों के हित में एक ऐतिहासिक और संवेदनशील निर्णय लिया है। अब शहीदों के परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे राज्य सरकार के किसी भी विभाग में, किसी भी जिले या संभाग में नियुक्ति प्राप्त कर सकेंगे।

यह निर्णय ‘‘एकजाई पुनरीक्षित अनुकम्पा नियुक्ति निर्देश-2013’’ की कंडिका 13(3) में संशोधन के माध्यम से संभव हो पाया है, जिसे हाल ही में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में सर्वसम्मति से पारित किया गया।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि, “शहीद हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने अपनी जान की आहुति देकर प्रदेश और देश की रक्षा की है। ऐसे में उनके परिजनों को केवल एक विभाग तक सीमित रखना उचित नहीं था। अब उन्हें विभाग चुनने का अधिकार मिलेगा, जिससे उनके लिए रोजगार प्राप्त करना अधिक सम्मानजनक और सुविधाजनक होगा।”

श्री शर्मा ने बताया कि शहीद परिवारों और उनके संगठनों से लगातार यह मांग की जा रही थी कि उन्हें अन्य विभागों में भी अनुकम्पा नियुक्ति का विकल्प मिलना चाहिए। इस मांग को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री के समक्ष यह विषय उठाया और अंततः सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया।

यह संशोधन सिर्फ एक नीति परिवर्तन नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही और शहीदों के सम्मान का प्रतीक है।

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