दंतेवाड़ा, 5 जुलाई 2025 — छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर स्थित इंद्रावती नेशनल पार्क के जंगलों में शनिवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एक नक्सली मारा गया। यह कार्रवाई दंतेवाड़ा-बीजापुर जिला रिजर्व गार्ड (DRG) द्वारा की गई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मुठभेड़ अभी जारी है और इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। यह इलाका लंबे समय से नक्सली गतिविधियों का केंद्र रहा है।

मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य

इस बीच, छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार ने राज्य से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य मार्च 2026 तक तय किया है। इस दिशा में सुरक्षात्मक कार्रवाई के साथ-साथ पुनर्वास और विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ

नारायणपुर कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगई ने ANI से बातचीत में बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए आवास की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा,

“सरकार की नीति के तहत सर्वे कर सभी पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना में शामिल किया गया है।”

जीवनोपार्जन कॉलेज में प्रशिक्षण से नया जीवन

कलेक्टर ममगई ने बताया कि नारायणपुर स्थित लाइवलीहुड कॉलेज में 110 से अधिक लोग विभिन्न कोर्सों में प्रशिक्षण ले रहे हैं, जिनमें टैक्सी ड्राइविंग, प्लंबिंग, सिलाई, जल आपूर्ति और कंप्यूटर स्किल शामिल हैं।

सरकार की नई नक्सल पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को उनकी दक्षता के अनुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें तीन वर्षों तक ₹10,000 प्रतिमाह का भत्ता भी दिया जाएगा ताकि वे रोजगार या स्वरोजगार शुरू कर सकें।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते पूर्व नक्सली

लाइवलीहुड कॉलेज में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कई पूर्व नक्सली अपने अतीत पर पछतावा जताते हुए वर्तमान में संतुष्टि व्यक्त कर रहे हैं। वे अब अपने परिवारों की देखरेख कर रहे हैं और समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं।

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