रायपुर, 5 जुलाई 2025 — छत्तीसगढ़ के सुदूरवर्ती जशपुर जिले की आदिवासी महिलाओं द्वारा तैयार प्राकृतिक और वनोपज आधारित खाद्य उत्पादों के ब्रांड ‘JashPure’ को अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस महिला-प्रधान ब्रांड का ट्रेडमार्क अब औपचारिक रूप से उद्योग विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है।

यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान के अनुरूप है और इसका उद्देश्य उत्पादन, ब्रांडिंग और वैश्विक पहुंच को मजबूती देना है।

JashPure: परंपरा और नवाचार का संगम

JashPure केवल एक ब्रांड नहीं बल्कि महिलाओं की उद्यमशीलता, पारंपरिक ज्ञान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। यह ब्रांड पूरी तरह से जशपुर की आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित है, जो रासायनिक रहित, प्राकृतिक और पोषणयुक्त उत्पादों का निर्माण कर रही हैं। सभी उत्पाद इको-फ्रेंडली पैकेजिंग में उपलब्ध हैं और उनमें किसी भी प्रकार के कृत्रिम रंग, स्वाद या संरक्षक नहीं होते।

मुख्य उत्पादों में महुआ नेक्टर, महुआ वन्यप्राश, महुआ कुकीज, रागी महुआ लड्डू, महुआ कैंडी और महुआ नेक्टर कोकोआ शामिल हैं। इसके अलावा जवा फूल चावल, मिलेट पास्ता और कोदो, कुटकी, रागी, टाउ जैसे अनाजों से बने उत्पाद भी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।

महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता की मिसाल

JashPure की खासियत यह है कि इसकी 90% से अधिक कार्यबल आदिवासी महिलाओं से बनी है, जो उत्पादन से लेकर पैकेजिंग तक का सारा काम खुद करती हैं। इस पहल ने उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक बाज़ार के अनुरूप उत्पादों में बदलने का अवसर भी दिया है।

World Food India में मिली जबरदस्त सराहना

20 सितंबर 2024 को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित World Food India 2024 में JashPure के स्टॉल को खासा सराहना मिली। स्वास्थ्य के प्रति सजग उपभोक्ताओं, पोषण विशेषज्ञों और उद्यमियों ने ब्रांड के शुद्ध, प्राकृतिक और एडिटिव-फ्री उत्पादों की जमकर तारीफ की।

Rare Planet के साथ साझेदारी से मिलेगी नई उड़ान

अब JashPure ब्रांड को Rare Planet के साथ साझेदारी के तहत देश के पांच प्रमुख हवाई अड्डों पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। यह कदम ब्रांड की पहुंच को देशभर में फैलाने में सहायक होगा। इस एमओयू पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में वर्चुअल हस्ताक्षर किए गए।

‘महुआ’ को ‘फॉरेस्ट गोल्ड’ के रूप में स्थापित करने की कोशिश

इस पहल से जुड़े युवा वैज्ञानिक समर्थ जैन ने बताया कि महुआ को शराब से जोड़ने की पारंपरिक छवि को बदलते हुए अब इसे ‘Forest Gold’ और ‘Green Gold’ के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। JashPure ने यह साबित कर दिया है कि स्वस्थ भोजन स्वादिष्ट भी हो सकता है।

भविष्य की दिशा

ट्रेडमार्क को उद्योग विभाग को सौंपे जाने के ऐतिहासिक निर्णय से न केवल कच्चे माल की मांग बढ़ेगी बल्कि अधिक आदिवासी महिलाओं को रोजगार मिलेगा। इससे JashPure ब्रांड को बड़े स्तर पर उत्पादन, प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग की सुविधा मिलेगी और यह छत्तीसगढ़ से निकलकर एक विश्व स्तरीय ब्रांड के रूप में उभरेगा।

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