दुर्ग, 10 जुलाई 2025/
राज्य शासन द्वारा शिक्षकों की युक्तियुक्तकरण (Rationalization) प्रक्रिया के तहत विद्यालयों में प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति का सकारात्मक असर अब ग्रामीण अंचलों में भी दिखाई देने लगा है। ब्लॉक धमधा के हाई स्कूल दनिया में इस प्रक्रिया के तहत विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और अंग्रेज़ी विषयों के चार नए शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है।

👩‍🏫 छात्रों की प्रतिक्रिया:

कक्षा 10वीं की छात्रा हितेश्वरी ने बताया,

“पहले कई विषयों की पढ़ाई नियमित नहीं हो पाती थी क्योंकि शिक्षक नहीं थे। अब सभी विषयों के शिक्षक आ गए हैं, जिससे हमें ट्यूशन की जरूरत नहीं है। हमारी पढ़ाई सुचारु रूप से हो रही है।”

🏫 विद्यालय प्रबंधन की राय:

विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि युक्तियुक्तकरण से स्कूल में शिक्षकों का संतुलित वितरण हुआ है। अब हर विषय के लिए प्रशिक्षित शिक्षक मौजूद हैं, जिससे विद्यार्थियों को पढ़ाई में बेहतर मार्गदर्शन मिल रहा है। इसके कारण बच्चों की उपस्थिति में भी वृद्धि दर्ज की गई है।

📈 शिक्षा के स्तर में सुधार:

विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब छात्र सभी विषयों की कक्षाएं नियमित रूप से प्राप्त कर पा रहे हैं और उन्हें बाहरी सहायता या ट्यूशन की आवश्यकता नहीं रह गई है।

🎯 शासन की मंशा:

राज्य सरकार की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह है कि जहां शिक्षकों की आवश्यकता अधिक है, वहां उनका प्रभावी पुनर्विनियोजन किया जाए। इससे शिक्षा व्यवस्था में संतुलन, छात्रों के लिए बेहतर भविष्य और विद्यालयों में अभ्यस्तता की स्थिति सुनिश्चित हो रही है।

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