रायपुर, 11 जुलाई 2025 — निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले बस्तर के शहीद पत्रकार मुकेश चंद्राकर को इस वर्ष का ‘लोकजतन सम्मान’ प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान 24 जुलाई 2025 को दोपहर 3 बजे रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित समारोह में दिया जाएगा। सम्मान समारोह के दौरान वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश “लोकतांत्रिक भारत में पत्रकारिता की चुनौतियां” विषय पर व्याख्यान देंगे।

लोकजतन के संपादक बादल सरोज ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह सम्मान शैलेन्द्र शैली के जन्मदिवस पर हर वर्ष उन पत्रकारों को दिया जाता है जो मौजूदा कठिन समय में भी साहसपूर्वक सच दिखा रहे हैं। मुकेश चंद्राकर को यह सम्मान उनकी कॉरपोरेट-विरोधी, मैदानी और निर्भीक पत्रकारिता के लिए मरणोपरांत दिया जा रहा है।

मुकेश की हत्या 1 जनवरी 2025 को कर दी गई थी और उनकी लाश को सेप्टिक टैंक में छिपा दिया गया था। लोकजतन का मानना है कि मुकेश ने बस्तर में लोकतंत्र के खिलाफ खड़ी हो रही सत्ता-कारपोरेट गठजोड़ को उजागर किया और इसके लिए उन्होंने अपनी जान तक गंवा दी।


समारोह की प्रमुख बातें:

  • मुख्य व्याख्यान: वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश (नई दिल्ली)
  • अध्यक्षता: वरिष्ठ पत्रकार दिवाकर मुक्तिबोध
  • विशिष्ट अतिथि: लेखक और पूर्व महाधिवक्ता कनक तिवारी
  • सम्मान का आयोजन: 24 जुलाई, रायपुर प्रेस क्लब, दोपहर 3 बजे

लोकजतन सम्मान अब तक डॉ. राम विद्रोही, कमल शुक्ला, लज्जाशंकर हरदेनिया, अनुराग द्वारी, राकेश अचल और पलाश सुरजन जैसे नामचीन पत्रकारों को दिया जा चुका है।

इसी दिन से ‘शैलेन्द्र शैली व्याख्यानमाला’ की भी शुरुआत होगी जो 7 अगस्त तक चलेगी।


लोकजतन और शैलेन्द्र शैली का योगदान

शैलेन्द्र शैली बहुमुखी व्यक्तित्व के धनी थे — वे पत्रकार, कवि, वक्ता, राजनीतिक कार्यकर्ता और छात्र आंदोलनों के अग्रणी नेता रहे। आपातकाल में मात्र 18 वर्ष की उम्र में 19 महीने की जेल यात्रा और उसके बाद का जीवन उन्होंने मजदूर-किसान आंदोलनों के नाम किया।

लोकजतन बीते 26 वर्षों से बिना किसी कॉर्पोरेट या सरकारी विज्ञापन के लगातार प्रकाशित हो रहा है और मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ का एक मजबूत जनपक्षधर पत्र है।

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