दुर्ग, 14 जुलाई 2025:
दुर्ग कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में जनसामान्य से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस अवसर पर उन्होंने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को त्वरित और समुचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में कुल 118 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें आवासीय पट्टा, आर्थिक सहायता, भूमि सीमांकन, अवैध कब्जा हटाने और प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित शिकायतें प्रमुख रहीं।

कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव सहित नगर निगम दुर्ग, रिसाली, भिलाई, खाद्य विभाग और समाज कल्याण विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे।


भानपुरी के ग्रामीणों ने मांगा वैध आवासीय पट्टा

ग्राम भानपुरी के ग्रामीणों ने कलेक्टर के समक्ष आवासीय पट्टा प्रदान करने की मांग रखी। ग्रामीणों ने बताया कि वे पिछले 50 वर्षों से उक्त भूमि पर निवासरत हैं, लेकिन उनके पास मकान का कोई वैध दस्तावेज नहीं है। इस कारण वे शासन की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं।

उन्होंने बताया कि उनके पास राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर ID जैसे दस्तावेज हैं, लेकिन भूमि स्वामित्व की वैधता न होने से उनका जीवन असुरक्षित बना हुआ है। कलेक्टर ने इस पर तहसीलदार दुर्ग को नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।


ग्राम अछोली में शराब दुकान खुलने पर ग्रामीणों की आपत्ति

किसान बंधु संगठन धमधा ने ग्राम अछोली में मदिरा दुकान खोले जाने की प्रक्रिया का विरोध किया और निविदा निरस्त करने की मांग की। उन्होंने बताया कि इस निर्णय से 15–20 गांवों के ग्रामीणों में आक्रोश है।
ग्रामीणों का कहना है कि:

  • शराब दुकान खुलने से युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ेगा
  • घरेलू हिंसा और अपराध बढ़ेंगे
  • सामाजिक संरचना प्रभावित होगी

कलेक्टर ने इस पर एसडीएम धमधा और आबकारी विभाग को मौके का परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।


परसदापार में राशन उप-वितरण केंद्र की मांग

ग्राम पंचायत मड़ियापार के आश्रित ग्राम परसदापार के सरपंच और ग्रामीणों ने कलेक्टर के समक्ष राशन उप-वितरण केंद्र खोलने की मांग की। उन्होंने बताया कि गांव के 243 राशन कार्डधारकों को राशन के लिए लगभग 4 किलोमीटर दूर मड़ियापार जाना पड़ता है, जिससे बुजुर्ग, महिलाएं और असहाय नागरिकों को भारी परेशानी होती है।

कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने इस पर खाद्य अधिकारी को समस्या का समाधान निकालने के निर्देश दिए।


निष्कर्ष

दुर्ग जिले में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम जन समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच बनता जा रहा है। कलेक्टर द्वारा सुनवाई, समर्पण और त्वरित कार्रवाई की शैली से आम नागरिकों में प्रशासन के प्रति विश्वास और सहयोग की भावना सशक्त हो रही है। यह जनदर्शन छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी सोच और समावेशी विकास के संकल्प का प्रमाण है।

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