रायपुर 20 जुलाई 2025: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अदाणी समूह पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि उनके बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी एक “राजनीतिक साजिश” है, जिससे अदाणी समूह के खिलाफ उठ रही आवाजों को दबाया जा सके।

भूपेश बघेल ने कहा, “मुझे मेरे बेटे से सिर्फ 30 मिनट मिलने की इजाजत दी गई। उसके खिलाफ कोई मामला नहीं है। यह केवल अदाणी के खिलाफ आवाज उठाने वालों को डराने की कोशिश है। अगर कोई अदाणी के खिलाफ बोलेगा, तो उसका हश्र भी चैतन्य बघेल जैसा होगा।”

पूर्व सीएम ने पहले भी अदाणी समूह पर तमनार, छत्तीसगढ़ में कोयला खनन के दौरान पर्यावरणीय और कानूनी नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के बावजूद कंपनी ने पेड़ों की अंधाधुंध कटाई जारी रखी और न तो पेसा एक्ट का पालन किया और न ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देशों का।

बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने के प्रयास को रोकने के लिए उनके बेटे की गिरफ्तारी करवाई गई। उन्होंने कहा, “आज विधानसभा का अंतिम दिन है, तमनार में पेड़ काटने का मुद्दा उठाया जाना था, लेकिन साहब ने ईडी भेज दी।”

इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विशेष अदालत को बताया कि चैतन्य बघेल ने 16.7 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की, जो 2100 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़ी है। चैतन्य को 18 जुलाई को, उनके 38वें जन्मदिन पर, मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया गया था और उन्हें पांच दिनों की ईडी कस्टडी में भेजा गया।

कांग्रेस पार्टी ने इस कार्रवाई के विरोध में 22 जुलाई को राज्यव्यापी “आर्थिक नाकाबंदी” की घोषणा की है। इस दौरान सड़क जाम, विरोध प्रदर्शन और खनिज परिवहन को रोकने जैसी कार्रवाई की जाएगी।

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