रायपुर, 23 जुलाई 2025।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति और क्रियान्वयन की उच्च स्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों और महिलाओं के लिए संचालित सभी योजनाओं की जिला स्तर पर सतत और प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नवजातों, बच्चों, किशोरियों और महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगली कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में इन योजनाओं की गहन समीक्षा की जाएगी और जिन जिलों में प्रगति धीमी पाई जाएगी, वहां के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

📌 विभागीय योजनाओं की समीक्षा के मुख्य बिंदु:

  • पूरक पोषण आहार, गर्म भोजन की गुणवत्ता, मात्रा और कैलोरी मानकों की निरंतर निगरानी।
  • 197 पीएम जनमन योजना आधारित आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की समीक्षा।
  • PVTG (विशेष पिछड़ी जनजाति) समुदाय के बच्चों के लिए विशेष कार्य योजना।
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में छत्तीसगढ़ के बेहतर प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री ने जताई संतुष्टि।
  • बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर, मिशन वात्सल्य जैसे कार्यक्रमों की भी समीक्षा।

मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए विभागीय अमला भावनात्मक रूप से जुड़ाव बनाए, और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देकर अधिक दक्ष बनाया जाए।

उन्होंने कहा, “बच्चे हमारे देश के भविष्य की नींव हैं, और उनकी देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। प्रत्येक जिले में योजनाओं का शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।”

📋 उच्चस्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति:

इस समीक्षा बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री पी. दयानंद, श्रीमती शम्मी आबिदी (सचिव, महिला एवं बाल विकास), निदेशक श्री पी.एस. एल्मा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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