दुर्ग, 24 जुलाई 2025:
देश के स्वतंत्रता संग्राम के अमर नायक चंद्रशेखर आजाद की जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी, दुर्ग द्वारा एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन शहीद चौक स्थित आजाद जी की प्रतिमा स्थल पर किया गया। इस अवसर पर दुर्ग जिला भाजपा अध्यक्ष श्री सुरेंद्र कौशिक के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके बलिदान को याद किया।

कार्यक्रम में प्रमुख नेता रहे शामिल

माल्यार्पण कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष हरीश चौहान, जिला सह कार्यालय मंत्री अनूप सोनी, कोरोमंडल अध्यक्ष मदन वढई, पार्षद मनोज सोनी सहित अनेक कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

शहीद आजाद के साहसिक जीवन को किया याद

इस अवसर पर अपने संबोधन में जिला अध्यक्ष श्री सुरेंद्र कौशिक ने कहा,

“चंद्रशेखर आजाद का नाम स्वतंत्रता संग्राम के सबसे वीर और प्रेरणादायक क्रांतिकारियों में लिया जाता है। मात्र 14 वर्ष की आयु में वे स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए थे। जब अदालत में उनसे नाम पूछा गया, तो उन्होंने अपना नाम ‘आजाद’, पिता का नाम ‘स्वतंत्रता’ और निवास ‘जेल’ बताया। इस पर उन्हें 15 कोड़े मारे गए, जिनके हर वार पर उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ और ‘महात्मा गांधी की जय’ का नारा लगाया।”

उन्होंने बताया कि आजाद ने हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी (HSRA) के साथ जुड़कर काकोरी कांड और लाला लाजपत राय की हत्या के बदले में सांडर्स वध जैसी घटनाओं को अंजाम दिया। उनके अद्वितीय साहस और देशभक्ति ने आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित किया।

भव्य उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न

इस कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेंद्र बजाज, पूर्व पार्षद मीना सिंह, विनोद मून, महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष नीतू श्रीवास्तव, दिनेश मिश्रा, उमेश गिरी गोस्वामी, शंकर यादव, अंबिका प्रसाद तिवारी, डॉ. गुंजा पिंचा, जयश्री देशमुख, श्रद्धा सोनी, चंद्रशेखर शास्त्री, राजेश शुक्ला, संदीप कहार, अनिल जैन, मोहन देशमुख, रेखा चंद्राकर, कमल सोनी, निशा तिवारी, नवीन पटेल, संजय साहू, संदीप सनातनी, राजेश तिवारी, बंटी राजपूत सहित भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

देशभक्ति और प्रेरणा का संकल्प

कार्यक्रम के अंत में भाजपा नेताओं ने संकल्प लिया कि वे शहीद चंद्रशेखर आजाद के दिखाए मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे और युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित करेंगे।


📌 निष्कर्ष:
यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम न केवल एक क्रांतिकारी को श्रद्धासुमन अर्पित करने का अवसर था, बल्कि नई पीढ़ी को उनके बलिदान से अवगत कराने का एक प्रभावशाली माध्यम भी बना। चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर भाजपा की यह पहल उनके बलिदान की विरासत को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही है।

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