रायपुर, 28 जुलाई 2025।
छत्तीसगढ़ राज्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में तेज़ी से प्रगति की है। इसी क्रम में राज्य के 4,106 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

100 दिवसीय ‘निक्षय-निरामय छत्तीसगढ़’ अभियान
राज्य सरकार ने 7 दिसंबर 2024 से ‘निक्षय-निरामय छत्तीसगढ़’ 100 दिवसीय अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान का उद्देश्य टीबी की रोकथाम और उपचार को ग्राम स्तर तक पहुंचाना था। अभियान के तहत घर-घर सर्वे कर जोखिमग्रस्त व्यक्तियों की पहचान की गई और आधुनिक तकनीकों द्वारा जांच की गई।

जन भागीदारी बनी सफलता की कुंजी
इस अभियान की सफलता में जनभागीदारी की अहम भूमिका रही। राज्यपाल, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री ने टीबी रोगियों को गोद लेकर पोषण सहायता प्रदान की। निक्षय मित्र योजना के तहत 15,000 से अधिक नए निक्षय मित्र पंजीकृत हुए और 34,000 से अधिक मरीजों को पोषण सहायता प्रदान की गई।

कमजोर वर्गों पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन वर्गों को सामान्यतः स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पातीं – जैसे कैदी, वृद्धाश्रमों के बुजुर्ग, छात्रावासों में रहने वाले छात्र, और फैक्टरी श्रमिकों – उन पर विशेष ध्यान दिया जाए।

साय ने कहा, “जब सरकारी प्रतिबद्धता और जन सहयोग एक साथ आते हैं, तो परिवर्तन सिर्फ लक्ष्य नहीं, बल्कि साकार हकीकत बनता है। छत्तीसगढ़ इसका जीवंत उदाहरण बन रहा है।”

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