दुर्ग, 30 जुलाई 2025।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में दो केरल की कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी को लेकर बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच मंगलवार को यूडीएफ और एलडीएफ के प्रतिनिधिमंडल दुर्ग पहुँचे। यूडीएफ प्रतिनिधिमंडल ने गिरफ्तार ननों वंदना फ्रांसिस और प्रीथी मैरी से मुलाकात की, जबकि एलडीएफ प्रतिनिधिमंडल को बुधवार सुबह मिलने के लिए कहा गया।

यूडीएफ प्रतिनिधिमंडल में MLA रोजी एम जॉन, सांसद एन के प्रेमचंद्रन, बेनी बेहनन, फ्रांसिस जॉर्ज और साजी जोसेफ शामिल थे। एलडीएफ टीम का नेतृत्व ब्रिंदा करात कर रही हैं, जिसमें राज्यसभा सांसद जोस के मणि, ए ए रहीम, पी पी सुनीर, जॉन ब्रिटास और MP के राधाकृष्णन शामिल हैं।

पुलिस पर पक्षपात के आरोप

यूडीएफ सांसद फ्रांसिस जॉर्ज ने आरोप लगाया कि पहले उन्हें ननों से मिलने से रोक दिया गया, जिसके बाद उन्होंने थाने के बाहर धरना दिया। उन्होंने कहा, “पुलिस ने हमें अगले दिन आने को कहा, जबकि भाजपा नेताओं अनूप एंटनी और शोन जॉर्ज को पहले ही मिलने की अनुमति दी गई थी। हमारे साथ पक्षपात किया गया।”

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से संपर्क करने के बाद यूडीएफ नेताओं को ननों से मिलने की अनुमति मिली। फ्रांसिस ने बताया कि “ननों की स्थिति स्थिर है, उन्हें शारीरिक रूप से नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन मानसिक रूप से वे बेहद तनाव में हैं। वहीं, उनके साथ आए पुरुष साथी को शारीरिक चोटें पहुंचाई गई हैं।”

एलडीएफ को बुधवार मिलने की अनुमति

एलडीएफ प्रतिनिधिमंडल शाम को दुर्ग पहुँचा, लेकिन देर से आने के कारण उन्हें मिलने से रोक दिया गया। सांसद जोस के मणि ने कहा कि “हमें बुधवार सुबह 9 से 10 बजे के बीच मिलने की अनुमति दी गई है। हम ननों और उनके परिवार से मिलकर कानूनी रणनीति पर चर्चा करेंगे। बुधवार को जमानत याचिका दाखिल की जाएगी।”

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