रायपुर, 31 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई नक्सलवादी आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 अब ज़मीनी स्तर पर असर दिखा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर केंद्र सरकार से प्राप्त 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की विशेष स्वीकृति के तहत सुकमा जिले की ग्राम पंचायत गादीरास के ग्राम ओईरास में एक नक्सल पीड़ित परिवार को पक्का घर मिला है।

यह आवास श्रीमती सोडी हुंगी, पत्नी स्वर्गीय श्री मासा सोडी को प्रदान किया गया है, जिनके पति की वर्ष 2005 में नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। वर्षों से अत्यंत गरीबी और असुरक्षा में जीवन जी रही यह महिला अब प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत बने पक्के मकान में अपने परिवार के साथ सुरक्षित जीवन जी रही है।

इस पुनर्वास परियोजना के प्रमुख बिंदु:

  • श्रीमती हुंगी को ₹1.35 लाख की राशि तीन किस्तों में प्रदान की गई।
  • आवास का निर्माण 8 जुलाई 2025 को पूर्ण हुआ।
  • योजना की पारदर्शिता और तकनीकी मार्गदर्शन से निर्माण कार्य समयबद्ध रूप से संपन्न हुआ।

अन्य लाभ:

  • स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय निर्माण।
  • मनरेगा के तहत 90 दिन की मजदूरी का भुगतान।
  • राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ।

श्रीमती सोडी हुंगी के बेटों ने भावुक होकर कहा कि उनका परिवार अब सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा है। यह उपलब्धि केवल शासन, जिला प्रशासन, ग्राम पंचायत और संवेदनशील नीति के चलते संभव हुई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नक्सल पीड़ितों और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत 15,000 आवासों का निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है। सुकमा जिले में कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में यह योजना प्रभावी रूप से लागू हो रही है।

यह परियोजना छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और मानव गरिमा की पुनः स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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