दुर्ग, 31 जुलाई 2025।
रेलवे स्टेशन दुर्ग की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री विजय अग्रवाल ने 29 जुलाई को स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक झा, रेल पुलिस बल (RPF), GRP व जिला बल के अधिकारी मौजूद रहे।

निरीक्षण में सुरक्षा, तकनीकी निगरानी, साइबर सुरक्षा, और नशा मुक्ति जैसे कई अहम बिंदुओं पर विशेष दिशा-निर्देश दिए गए।


🔍 निरीक्षण के मुख्य बिंदु:

🔸 AI आधारित फेस रिकग्निशन कैमरा स्टेशन के प्रवेश द्वार पर लगाने के निर्देश दिए, जिससे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहले से पहचान की जा सके।
🔸 स्टेशन परिसर में वर्तमान में लगे 36 सीसीटीवी कैमरों की समीक्षा की गई और शेष 12 प्रस्तावित कैमरों को शीघ्र स्थापित करने के निर्देश दिए।
🔸 पुराने कैमरों को हटाकर बुलेट कैमरे लगाने, और उन्हें लिफ्ट, सीढ़ियों व एस्केलेटर जैसी संवेदनशील जगहों पर सही ऊंचाई पर लगाने की बात कही गई।
🔸 कैमरा फुटेज की स्पष्टता के लिए प्रकाश व्यवस्था में सुधार करने को कहा गया, खासकर कैमरे के पीछे प्रकाश सुनिश्चित करने हेतु।
🔸 RPF व GRP को संयुक्त रूप से मॉक ड्रिल आयोजित करने, टिकट काउंटर के आसपास घूम रहे संदिग्धों की नियमित जांच करने तथा स्थानीय पुलिस व BDS टीम से समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
🔸 RPF लॉकअप गेट पर जाली लगाने और डेस्क पर पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर प्रदर्शित करने की आवश्यकता जताई गई।
🔸 नशा करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें नशा मुक्ति केंद्र भेजने और जिला पुलिस द्वारा बनाए गए साइबर जागरूकता जिंगल्स को स्टेशन पर प्रसारित करने के निर्देश दिए गए।
🔸 SSP ने ज़िगज़ैग बेरिकेड्स की सराहना की और इसे जिले के अन्य स्थानों में भी लागू करने का सुझाव दिया।
🔸 RPF व GRP स्टाफ के लिए साइबर अपराधों पर नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।


SSP विजय अग्रवाल ने कहा:

“रेलवे स्टेशन जैसी संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा के हर आयाम पर गहराई से काम करना जरूरी है। तकनीक की मदद से निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।”

यह निरीक्षण यात्रियों की सुरक्षा, स्टेशन की निगरानी व्यवस्था और साइबर अपराधों की रोकथाम में मील का पत्थर साबित होगा।

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