रायपुर, 2 अगस्त 2025:
छत्तीसगढ़ सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल रहा है। आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के सफल क्रियान्वयन के साथ राज्य ने देशभर में उपचार मामलों में चौथा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य नीतियों की सफलता का प्रतीक है।

राज्य की तीन योजनाओं का समन्वय:
एबी-पीएमजेएवाई के साथ राज्य की शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना को एकीकृत करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने नगद रहित और निःशुल्क इलाज की बेहतर सुविधा सुनिश्चित की है। इस समेकित व्यवस्था के तहत अब तक 78 लाख से अधिक लाभार्थियों ने सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज का लाभ लिया है।

सरकारी अस्पतालों पर बढ़ा भरोसा:
राज्य में सरकारी अस्पतालों में इलाज की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है, जो स्वास्थ्य ढांचे के प्रति नागरिकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

वृद्धजनों को समर्पित वय वंदन योजना:
वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को देखते हुए वय वंदन योजना को मजबूती प्रदान की गई है। अब तक 4.5 लाख वय वंदन कार्ड जारी किए गए हैं, जिससे राज्य के 48% राशन कार्डधारी वृद्धजन लाभान्वित हुए हैं।

लक्ष्य आधारित पंजीकरण और सेवा:
पंजीकरण बढ़ाने के लिए आशा कार्यकर्ता, ग्राम सभाएं, शहरी स्वास्थ्य मंच, वृद्धाश्रम और आवासीय कॉलोनियों के माध्यम से विशेष अभियान चलाए गए हैं। 104 कॉल सेंटर से सतत संपर्क बनाए रखा गया है।

राज्य सरकार ने 6 जिलों को ‘वय मित्र जिला’ के रूप में चिह्नित कर वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं हैं, जिससे समावेशी स्वास्थ्य नीति को और मजबूती मिली है।

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