3 अगस्त 2025, रायपुर |
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुद की गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। शराब, कोयला और महादेव सट्टा ऐप जैसे बहुचर्चित घोटालों में तेज होती जांच के बीच उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने गिरफ्तारी से सुरक्षा और जांच में सहयोग का अवसर मांगा है।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने अपनी याचिका में कहा है कि वे सभी जांच एजेंसियों का सहयोग करने के लिए तैयार हैं, लेकिन बिना किसी ठोस वजह के अगर गिरफ्तारी होती है, तो न केवल उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचेगा, बल्कि यह एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा भी हो सकता है।

उन्होंने याचिका में यह आरोप भी लगाया है कि उनके बेटे चैतन्य बघेल को राजनीतिक प्रतिशोध के तहत गिरफ्तार किया गया है, और अब उन्हीं के खिलाफ भी केंद्रीय एजेंसियों द्वारा ऐसी ही कार्रवाई की आशंका है।

सुप्रीम कोर्ट ने भूपेश बघेल की याचिका को सोमवार (4 अगस्त) को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है, जिससे इस मामले को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलचल तेज हो गई है।

इससे पहले इसी तरह की याचिका शराब घोटाले में फंसे पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा द्वारा भी दायर की जा चुकी है, जिसमें उन्होंने गिरफ्तारी से बचाव की मांग की थी।

सोमवार को भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर भी सुनवाई होनी है। उनके वकील ने कोर्ट को बताया कि चैतन्य का नाम न तो ईडी की एफआईआर में है और न ही किसी गवाह के बयान में, इसके बावजूद उन्हें राजनीतिक द्वेष के तहत हिरासत में लिया गया है। फिलहाल चैतन्य न्यायिक हिरासत में हैं।

Leave a Reply

Trending

Discover more from Aaj Ki Janta

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading