महासमुंद (छत्तीसगढ़), 7 अगस्त 2025 —
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के भालुकोना–जामनीडीह ब्लॉक में निकेल, तांबा और प्लैटिनम समूह तत्वों (Ni–Cu–PGE) के सल्फाइड खनिजों की महत्वपूर्ण खोज हुई है। यह खोज भारत के औद्योगिक और स्वच्छ ऊर्जा भविष्य के लिए रणनीतिक खनिज संसाधनों की सुरक्षा की दिशा में एक मील का पत्थर मानी जा रही है।

रणनीतिक खनिज केंद्र की दिशा में बड़ा कदम
इस खोज को डेक्कन गोल्ड माइनिंग लिमिटेड (DGML) ने 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र में अंजाम दिया है, जो रायपुर से लगभग 70 किमी दूर स्थित है। इससे पहले, इस क्षेत्र में भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग (GSI) द्वारा G4-स्तरीय खोज की गई थी, जिसमें संभावित खनिज मौजूदगी की पुष्टि हुई थी।

छत्तीसगढ़ के भूविज्ञान और खनिज निदेशालय ने वैज्ञानिक आंकड़ों की पुष्टि की और मार्च 2023 में इस ब्लॉक की नीलामी की गई, जिसमें DGML ने 21% प्रीमियम के साथ सबसे ऊंची बोली लगाकर इसे प्राप्त किया।

प्रारंभिक परिणाम उत्साहजनक
पर्यावरण और वन स्वीकृति मिलने के बाद, DGML ने क्षेत्र में निम्नानुसार खोज कार्य शुरू किया:

  • भूगर्भीय मानचित्रण और रॉक चिप सैंपलिंग
  • ड्रोन आधारित मैग्नेटिक सर्वेक्षण
  • खनिजयुक्त क्षेत्रों की पहचान के लिए इंड्यूस्ड पोलराइजेशन (IP) सर्वे

अब तक के परिणामों में 700 मीटर लंबा खनिजयुक्त क्षेत्र सामने आया है, जो मैफिक-अल्ट्रामैफिक शैल संरचनाओं में स्थित है। भूभौतिकीय आंकड़ों से 300 मीटर की गहराई तक सल्फाइड खनिज की पुष्टि हुई है, जो इसके वाणिज्यिक संभावनाओं को बल देता है।

आने वाला है खनिज क्रांति का केंद्र
इस ब्लॉक से सटे केलवरडबरी ब्लॉक को पहले ही वेदांता समूह को सौंपा जा चुका है, जहां समान प्रकार के खनिज मौजूद हैं। ये दोनों ब्लॉक मिलकर महासमुंद को एक संभावित रणनीतिक खनिज हब में बदल सकते हैं, जिससे भारत की वैश्विक खनिज आपूर्ति श्रृंखला में स्थिति मजबूत होगी।

सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस खोज को ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा, “यह खोज भारत के विकास के लिए महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है। राज्य सरकार वैज्ञानिक और सतत खनिज अन्वेषण को पूरी तरह समर्थन देती है।”

छत्तीसगढ़ सरकार अब तक 51 खनिज ब्लॉक नीलाम कर चुकी है, जिनमें 10 ब्लॉक ग्रेफाइट, निकेल, क्रोमियम, पीजीई, लिथियम, ग्लॉकोनाइट, फॉस्फोराइट, और ग्रेफाइट-वैनेडियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के हैं। वर्ष 2024-25 की राज्यीय अन्वेषण योजना में 50% से अधिक हिस्सा रणनीतिक खनिजों को समर्पित किया गया है।

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