रायपु, 11 अगस्त 2025। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के युवाओं को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार प्रदेशभर में ‘नालंदा कॉम्प्लेक्स’ नाम से 34 नए केंद्रीय पुस्तकालय बनाने जा रही है, जो आधुनिक सुविधाओं और उच्च गुणवत्ता वाली किताबों से लैस होंगे।

इन पुस्तकालयों में छात्रों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की पढ़ाई की व्यवस्था होगी, ताकि ग्रामीण, शहरी और दूरस्थ इलाकों के युवा भी बराबरी से लाभ उठा सकें। खास बात यह है कि प्रमुख शहरों के साथ-साथ, यह पहल तीन नक्सल प्रभावित जिलों—सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर—में भी लागू होगी। इसके अलावा सूरजपुर, बैकुंठपुर, चिरमिरी, कुंकुरी, जशपुर, बलरामपुर और पेंड्रा जैसे दूरदराज के वन क्षेत्रों में भी पुस्तकालय स्थापित किए जाएंगे।

रायपुर में फिलहाल तीन बड़े केंद्रीय पुस्तकालय-सह-पठन क्षेत्र संचालित हो रहे हैं—

  • नालंदा कॉम्प्लेक्स-सह-ऑक्सी रीडिंग ज़ोन (1,000 सीटें)
  • तक्षशिला सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-स्मार्ट रीडिंग ज़ोन (800 सीटें)
  • सेंट्रल लाइब्रेरी (500 सीटें)

मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने कहा, “हम राज्य के युवाओं के सपनों को उड़ान देने के लिए काम कर रहे हैं। नालंदा परिसरों का निर्माण इसीलिए किया जा रहा है ताकि छत्तीसगढ़ के हर कोने से युवा आकर यहां पढ़ सकें, सीख सकें और आगे बढ़ सकें।”

इन पुस्तकालयों को प्रदेश में शिक्षा का नया केंद्र माना जा रहा है, जहां सिर्फ किताबें ही नहीं बल्कि पढ़ाई के लिए प्रेरक माहौल, डिजिटल संसाधन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतरीन प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा।

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