दुर्ग, 14 अगस्त 2025।
भारत के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक विभाजन को याद करते हुए भारतीय जनता पार्टी दुर्ग जिला इकाई ने गुरुवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया। कार्यक्रम का आयोजन भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक की अध्यक्षता में गौरव पथ स्थित सतनामी आश्रम में किया गया। इस मौके पर विभाजन के दौरान हुए जनसंहार, विस्थापन और मानवता पर आए संकट को याद किया गया, साथ ही विभाजन के जिम्मेदारों की कड़ी आलोचना की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत रानी लक्ष्मीबाई चौक से मौन जुलूस के रूप में हुई, जो कसारिडीह, साई मंदिर होते हुए सिविल लाइन के सामने से सतनामी आश्रम पहुंचा। मुख्य वक्ता भाजपा प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज ने कहा, “1947 में देश को स्वतंत्रता के साथ ही विभाजन का गहरा घाव मिला। लाखों लोग विस्थापित हुए, हजारों की हत्या हुई, महिलाओं के साथ अमानवीय अत्याचार हुए। यह केवल इतिहास की घटना नहीं, बल्कि मनुष्यता के लिए एक काला अध्याय है।”

उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस घोषित करते हुए कहा था कि यह दिन हमें भेदभाव और नफरत को खत्म कर एकता और सामाजिक सद्भाव की ओर प्रेरित करेगा।

भाजपा प्रदेश मंत्री जितेंद्र वर्मा और कार्यक्रम संयोजक अजय तिवारी ने कहा कि 1947 के विभाजन में लगभग 20 लाख लोगों की जान गई और 1-2 करोड़ लोग विस्थापित हुए। आज इन पीड़ितों और उनके परिवारों को याद करना और उनकी पीड़ा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा कर्तव्य है।

जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने कहा कि विभाजन से विस्थापित हिंदू और सिख परिवारों ने कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और लगन से भारत के लोकतांत्रिक ताने-बाने को मजबूत किया। वहीं, पाकिस्तान और बांग्लादेश में बचे अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचार आज भी विभाजन के जख्म को ताजा करते हैं।

कार्यक्रम में भाजपा नेता, पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। संचालन अजय तिवारी ने किया और आभार अरुण सिंह ने व्यक्त किया।

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