रायपुर, 16 अगस्त 2025।
बस्तर संभाग के बीजापुर ज़िले में गुरुवार को नक्सल प्रभावित इलाक़े में आईईडी विस्फोट में जिला रिजर्व गार्ड (DRG) का एक जवान घायल हो गया। यह घटना इंद्रावती क्षेत्र में तब हुई जब DRG और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घायल जवान को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर आगे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।

इधर, नक्सलियों की गतिविधियों पर शिकंजा कसने के लिए सुरक्षाबलों ने बीजापुर के पामेड़ और तर्रेम क्षेत्रों में बड़े अभियान चलाए। इस दौरान जंगलों में बने नक्सलियों के अस्थायी ठिकाने और प्रशिक्षण शिविरों को ध्वस्त कर दिया गया।

पामेड़ इलाके में सुकमा से आए कोबरा बटालियन और CRPF की टीमों ने उर्टामल्ला के जंगल में नक्सलियों द्वारा बनाया गया एक स्मारक तोड़ दिया। सुरक्षाबल इसके बाद गुंडराजगुड़ेम, बडसेनपल्ली, मंगलटोर और उर्टामल्ला गांव की ओर भी तलाशी के लिए आगे बढ़े।

वहीं, तर्रेम थाना क्षेत्र के कोमतपल्ली जंगल में जिला बल और CRPF की 170वीं बटालियन को बड़ी सफलता मिली। यहां बिखरे पत्थरों के बीच छुपाया गया नक्सली हथियारों और विस्फोटक का बड़ा जखीरा बरामद किया गया। इसमें देशी बंदूक, बीजीएल राउंड, लोहे की रॉड, विस्फोटक बनाने की सामग्री (PEK, यूरिया, बिजली के तार), गोला-बारूद की थैली, प्रेशर कुकर (10 लीटर, 5 लीटर और 3 लीटर), आरी के ब्लेड और स्पीकर शामिल हैं।

अधिकारियों का कहना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य नक्सलियों की संगठनात्मक क्षमता को कमजोर करना और उनकी भौतिक संरचना को ध्वस्त करना है।

यह अभियान सिर्फ सुरक्षात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि बस्तर के गांवों में रहने वाले उन मासूम लोगों के लिए भी राहत है जो बरसों से नक्सली डर और हिंसा के साये में जी रहे हैं।

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